भिवानी। कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण करवाने के लिए जहां आम नागरिकों में होड़ लगी हुई है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर ही इससे किनारा किए हुए हैं। सरकार ने वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्यकर्मी को अलग श्रेणी में रख हुआ है। फ्रंट लाइन वर्कर्स की श्रेणी में राजस्व विभाग, पंचायती राज, पुलिस और अन्य विभाग के कर्मियों को शामिल किया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में 6100 स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की डोज लगाने का लक्ष्य लिया था। मगर इनमें से 891 स्वास्थ्यकर्मियों ने वैक्सीन की डोज लगवाने से मना कर दिया। इस तरह फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए 5000 डोज लगाने का लक्ष्य लिया था। इनमें 992 कर्मियों ने वैक्सीन की डोज नहीं लगवाई। शुरुआत से ही राजस्व विभाग और पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने अभियान में रुचि नहीं दिखाई है। उस दौरान उपायुक्त ने संबंधित कर्मचारियों के कार्यालयों में वैक्सीनेशन कैंप का आयोजन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। जिले भर में 5209 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली और 4048 दो दूसरी डोज लग गई है। इनमें से 1161 कर्मी ऐसे हैं। जिन्होंने वैक्सीन का समय पूरा होने के बाद भी दूसरी डोज नहीं लगवाई है। इसी तरह जिलेभर में 4008 फ्रंट लाइन वर्कर्स ने पहली डोज और 2287 ने दूसरी डोज लगवा ली। मगर 1721 ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है।
महज 44 फीसदी हो सका टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग ने 16 जनवरी को जिले में टीकाकरण अभियान शुरू किया था। विभाग ने 852900 लाभार्थियों को वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य लिया था। इनमें से अब तक 466085 को ही डोज लग पाए हैं। यह आंकड़ा तय लक्ष्य का 44 फीसदी है। विभाग अगर इसी गति से टीकाकरण करता रह तो अभियान सात से आठ माह में पूरा हो पाएगा। विभाग ने 373468 लोगों को पहली और 92617 को दूसरी डोज लगाई है। वहीं वर्ग अनुसार अगर बात करें तो स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 6100 स्वास्थ्यकर्मियों में से 5209 को पहली और 4048 को दूसरी डोज लगाई है। इसी तरह फ्रंट लाइन वर्कर्स में 5000 में से 4008 को पहली और 2287 को दूसरी डोज लगाई है। जिले में अब तक 18-44 वर्ष के 522000 लाभार्थियों में से 196828 को पहली और 19670 को दूसरी डोज लगाई है। इसी तरह 45-60 वर्ष के 195800 लाभार्थियों में से 85048 को पहली और 31878 को दूसरी डोज लगाई है। अगर बुजुर्गों की बात करें तो 124000 बुजुर्गों में से 82375 को पहली और 34734 को दूसरी डोज लगाई है।
सरकार दे चुकी है वेतन काटने के निर्देश
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले दिनों बयान जारी किया था कि कोरोना से लड़ाई में सबसे आगे फ्रंट लाइन वर्कर्स और स्वास्थ्यकर्मी हैं। इन्हें वैक्सीन करना विभाग और सरकार का कर्तव्य है। जिन कर्मचारियों ने दूसरी डोज नहीं लगवाई है, उनके वेतन काटने के निर्देश दिए जा चुके हैं। दूसरी डोज लगवाने के लिए विशेष कैंप भी आयोजित करने के निर्देश दिए थे। इसको लेकर उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को शनिवार और रविवार को स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए नागरिक अस्पताल में कैंप लगाने के निर्देश दिए थे। विभाग द्वारा कैंप तो आयोजित किए गए हैं मगर इन विभागों के कर्मी टीकाकरण में रुचि नहीं दिखा रहे। ऐसे में सरकार के निर्देश अनुसार इनका वेतन भी काटा जा सकता है।
जिले में पिछले सात माह से अधिक समय से लगातार टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 44 फीसदी लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। उम्मीद है जल्द ही तय लक्ष्य पूरा हो जाएगा। उपायुक्त के निर्देशानुसार वार रूम में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को दूसरी डोज लगाने के लिए विशेष कैंप लगाए गए हैं। इसके लिए उन्हें पूर्व में सूचित भी किया जा चुका है।
- डॉ. आशीष सांगवान, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी