हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में सीबीएसई की तर्ज पर लिखित परीक्षा में 33 फीसदी अंक की अनिवार्यता की शर्त हटा दी है। अब हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने दसवीं में प्रायोगिक और लिखित मिलाकर 33 फीसदी अंक हासिल करने वाले परीक्षार्थी को भी पास करने का निर्णय लिया है। ये व्यवस्था फरवरी-मार्च 2024 में होने वाली परीक्षा से ही लागू होगी। बोर्ड के इस फैसले से दसवीं में पास प्रतिशतता बढ़ेगी।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 27 फरवरी से दसवीं, बारहवीं की फरवरी-मार्च 2024 परीक्षाएं आयोजित होंगी। इस बार दसवीं की वार्षिक परीक्षा में बोर्ड ने सीबीएसई की तर्ज पर पास फार्मूला लागू किया है। इसमें प्रायोगिक और लिखित परीक्षा के कुल मिलाकर 33 अंक हासिल करने वाले परीक्षार्थी को पास घोषित कर दिया जाएगा।
जबकि पहले लिखित परीक्षा में 33 फीसदी अंक अनिवार्य थे। बोर्ड की दसवीं में 20 अंक के प्रायोगिक परीक्षा और 80 अंक की लिखित परीक्षा ली जाती है। प्रायोगिक परीक्षा में भले ही अब 20 अंक मिले और लिखित में 13 अंक भी मिल गए तो परीक्षार्थी पास हो जाएगा।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव ने बताया कि बोर्ड ने सीबीएसई तर्ज पर ये व्यवस्था दसवीं में पास प्रतिशतता बढ़ाने के मकसद से की है। बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में ऐसा कोई बदलाव नहीं होगा। इसमें पहले की तरह ही परीक्षा में अंक का फार्मूला रहेगा।