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H3N2 वेरिएंट: इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच के लिए तीन कैटेगरी में बांटें मरीज, विभाग ने जारी किया फॉर्मेट

Tue, 14 Mar 2023 09:51 PM IST
नवीन दलाल नवनीत शर्मा, भिवानी (हरियाणा)

सार

भिवानी स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर तीन कैटेगरी बनाई है, जिसमें पहली कैटेगरी में खांसी और जुकाम के सामान्य मरीज शामिल है, जिन्हें चिकित्सक एहतियात का परामर्श दे रहे है। दूसरी कैटेगरी में निमोनिया से ग्रस्त, फेफड़ों में अधिक दिक्कत, सांस लेने में अधिक तकलीफ के मरीज शामिल है
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वायरस - फोटो : self
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विस्तार
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इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है, ताकि संक्रमण न फैले और वायरस से ग्रस्त मरीजों को समय पर उपचार मिल सकें। इन्फ्लूएंजा वायरस के मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर तीन कैटेगरी बनाई है, जिसके आधार पर चिकित्सक मरीजों में संक्रमण का स्तर और जांच का परामर्श दे रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि निमोनिया से ग्रस्त जो मरीज ऑक्सीजन या फिर एचडीयू में है उनमें वायरस का खतरा हो सकता है मगर उनकी पुष्टि भी रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

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ओपीडी में तैनात सभी चिकित्सक अपने पास रखेंगे खांसी, जुकाम के मरीजों की आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्फ्लूएंजा वायरस को लेकर तीन कैटेगरी बनाई है, जिसमें पहली कैटेगरी में खांसी और जुकाम के सामान्य मरीज शामिल है, जिन्हें चिकित्सक एहतियात का परामर्श दे रहे है। दूसरी कैटेगरी में निमोनिया से ग्रस्त, फेफड़ों में अधिक दिक्कत, सांस लेने में अधिक तकलीफ के मरीज शामिल है, जिन्हें चिकित्सक दवा और आवश्यकता पड़ने पर भर्ती होने का परामर्श दे रहे है। जबकि तीसरी कैटेगरी में निमोनिया, सांस व फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के वे मरीज आते है जोकि ऑक्सीजन बेड या फिर एचडीयू में है। इन मरीजों के कोरोना व इन्फ्लूएंजा जांच के लिए सैंपल भेजे जाते है।

जिले के तीन सैंपल की रिपोर्ट लंबित
नागरिक अस्पताल में मंगलवार को इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच के लिए एक सैंपल लिया है, जिसे जांच के लिए पीजीआई भेजा जाएगा। वायरस की जांच को लेकर नागरिक अस्पताल में सैंपल क्लेक्ट किए जा रहे है और उन्हें जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजा जा रहे है। पीजीआई रोहतक में इंस्टॉल की इन्फ्लूएंजा वायरस जांच मशीन में 90 सैंपल रखे जाते है, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट आती है। जिले में अब तक कुल 18 सैंपल भेजे गए है, जिनमें से 15 की रिपोर्ट नेगिटिव आई है और 3 की रिपोर्ट लंबित है।

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चिकित्सकों को रखना होगा खांसी, जुकाम व सैंपलिंग का रिकॉर्ड
नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को खांसी, जुकाम की तकलीफ है तो उसकी जांच के साथ ही चिकित्सकों को उनका रिकॉर्ड भी अपने पास सुरक्षित रखना होगा। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों ने जिन मरीजों को इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच के लिए जो सैंपलिंग का परामर्श दिया है उसकी जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए फॉर्मेट में रखनी पड़ेगी।

इसके लिए मंगलवार को ओपीडी में सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सकों को फॉर्मेट जारी किया है, जिसमें उन्हें यह जानकारी दर्ज करनी होगी। अगर सर्जन, हड्डी रोग, नेत्र रोग, महिला रोग, दंत रोग सहित अन्य ओपीडी में जांच करवाने आए मरीजों में खांसी व जुकाम की दिक्कत है तो उन्हें फिजिशियन और 14 साल से छोटे मरीजों को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भेजना होगा। ताकि उनका उपचार किया जा सकें। मंगलवार को खांसी, जुकाम के 120 से अधिक मरीज नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे है।

इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण मिलते ही डॉक्टर से लें सलाह
अस्पताल में आने वाले मरीजों में अगर इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण मिलते है तो उनके सैंपल लेकर पीजीआई भेजे जा रहे है। फ्लू में एच1 एन1, एच2 एन2, एच3 एन2 वायरस में से कोई भी हो सकता है। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही वायरस की पुष्टि हो पाती है। जिले में अब तक एच3 एन2 का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच की आ रही है और फ्लू कॉर्नर में उन्हें लक्षण व सावधानियों के बारे में भी बात रहें है। - डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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