चिकित्सकों को रखना होगा खांसी, जुकाम व सैंपलिंग का रिकॉर्ड
नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को खांसी, जुकाम की तकलीफ है तो उसकी जांच के साथ ही चिकित्सकों को उनका रिकॉर्ड भी अपने पास सुरक्षित रखना होगा। आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों ने जिन मरीजों को इन्फ्लूएंजा वायरस की जांच के लिए जो सैंपलिंग का परामर्श दिया है उसकी जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए फॉर्मेट में रखनी पड़ेगी।
इसके लिए मंगलवार को ओपीडी में सेवाएं देने वाले सभी चिकित्सकों को फॉर्मेट जारी किया है, जिसमें उन्हें यह जानकारी दर्ज करनी होगी। अगर सर्जन, हड्डी रोग, नेत्र रोग, महिला रोग, दंत रोग सहित अन्य ओपीडी में जांच करवाने आए मरीजों में खांसी व जुकाम की दिक्कत है तो उन्हें फिजिशियन और 14 साल से छोटे मरीजों को बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भेजना होगा। ताकि उनका उपचार किया जा सकें। मंगलवार को खांसी, जुकाम के 120 से अधिक मरीज नागरिक अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे है।
इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण मिलते ही डॉक्टर से लें सलाह
अस्पताल में आने वाले मरीजों में अगर इन्फ्लूएंजा वायरस के लक्षण मिलते है तो उनके सैंपल लेकर पीजीआई भेजे जा रहे है। फ्लू में एच1 एन1, एच2 एन2, एच3 एन2 वायरस में से कोई भी हो सकता है। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही वायरस की पुष्टि हो पाती है। जिले में अब तक एच3 एन2 का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच की आ रही है और फ्लू कॉर्नर में उन्हें लक्षण व सावधानियों के बारे में भी बात रहें है। - डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।