भिवानी। कभी बजट तो कभी लेबर और कभी कोरोना महामारी की वजह से रुकावटें झेलकर आगे बढ़ा अमरूत प्रथम चरण का काम चार साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। चार साल में 14 बार अड़चनें आईं। हालांकि अब भी 14 फीसदी काम बाकी बचा है। पुराने जलघर में नए टैंक निर्माण की मंजूरी ने अधिकारियों की लाज बचा ली, जिसकी वजह से अब अमरूत को एक साल की और एक्सटेंशन मिल गई है। अभी तक नए टैंक का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। जबकि बैंक कॉलोनी में नई सीवर व पेयजल लाइन डालने का काम अधर में लटका है। इन चार सालों में अमरूत 62 करोड़ के बजट से शुरू हुआ, जिसे बढ़ाकर 78 करोड़ किया और अब ये बजट 92 करोड़ तक पहुंच गया। करीब डेढ़ माह बाद मानसून की दस्तक हो जाएगी। ऐसे में पूरे शहर को बरसाती पानी की निकासी और पीने के पानी के संकट से कैसे निजात मिलेगी? यह सवाल अब अधिकारियों को भी कचोटने लगा है।
नगर परिषद ने अमरूत के तहत शहर की बाहरी अधिकृत कॉलोनियों में नई सीवरेज और नई पेयजल लाइन डालने का काम चार साल पहले शुरू किया था। शुरूआत में अमरूत में पुराने शहर के कुछ हिस्से में बरसाती पानी की निकासी के लिए नई लाइन डालने, बरसाती पानी को शहर से बाहर हांसी रोड पर भिवानी-घघर ड्रेन तक पहुंचाने के लिए दो चैंबर भी बनाए गए, जिनका लगभग काम पूरा हो चुका है। मगर, अब भी कई अधिकृत बड़ी कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां पर नई सीवर और पेयजल लाइन डालने का काम बचा हुआ है, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें बैंक कॉलोनी एक्सटेंशन शामिल है। जहां अभी भी नई सीवर और पेयजल लाइन डालने का काम अधर में लटका है।
डेढ़ माह बाद बारिश शुरू हो जाएगी। ऐसे में ये काम फिर से रुक जाएगा। जबकि कई कॉलोनियों में हाल ही में अमरूत के तहत डाली गई नई लाइनों में भी खामियां सामने आने लगी हैं, जिसको लेकर पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी भी उलझन में हैं। क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर खामी को ढूंढे तो कहां, क्योंकि उन्हें यह तक नहीं पता कि जमीन के नीचे नई पेयजल लाइन कितनी गहरी और कहां है। जबकि सीवर की लाइन की रुकावट दूर करने के लिए भी अधिकारियों को काफी हिस्से में सर्च करना पड़ता है, जिसके बाद ही खामी दूर करने का निर्णय ले पाते हैं।
न्यू डिफेंस कॉलोनी में सीवर की लीकेज ने हिला दी घरों की नींव
सीवर लाइन की खामियां सामने आने लगी हैं। इसी का नतीजा यह रहा कि न्यू डिफेंस कॉलोनी में एक सीवर मैनहोल की लीकेज ने आसपास के कई आलीशान मकानों की नींव तक हिला दी थी। घरों के आगे मिट्टी दरकने से गहरी खाई बन गई और आलीशान घरों की नींव भी दिखाई देने लगी। घरों को खतरा बना तो अधिकारियों को तुरंत हरकत में आना पड़ा और दिन रात काम कर नुकसान की भरपाई भी कराई।
पीने के पानी का संकट, शुरू नहीं हुआ दूसरे टैंक निर्माण का काम
महम रोड के पुराने जलघर में दूसरा नया टैंक निर्माण का काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इसकी वजह गर्मी में पीने के पानी का संकट बना है। अगर पुराने टैंक तोड़कर नए बनाए गए तो फिर पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं हो सकेगा। गर्मी के बाद फिर बारिश शुरू हो जाएगी। ऐसे में नए टैंक निर्माण का काम फिर अड़चनों में घिर जाएगा। अमरूत के तहत करीब 12 करोड़ का बजट नए टैंक के लिए मंजूर हुआ है, जिसमें 14 करोड़ 39 लाख 10 हजार लीटर से अधिक पानी का भंडारण संभव होगा। एक टैंक इतनी ही क्षमता का पहले बनकर तैयार हो चुका है। जिसे अभी तक एक बार भी पूरा नहीं भरा गया है।
अमरूत प्रथम फेज के कार्य को अब एक साल की एक्सटेंशन मिल गई है। जिसे अब मार्च 2023 तक पूरा किया जा सकेगा। पुराने जलघर में एक नया वाटर टैंक बनाया जाएगा। जबकि बैंक कॉलोनी क्षेत्र में बचा हुआ काम भी पूरा किया जाएगा। अब कार्य में किसी तरह की कोई अड़चन या दिक्कत नहीं है।
-सुरेंद्र सांगवान, म्यूनिसिपल इंजीनियर, नगर परिषद भिवानी।