बीआरसीएम में आयोजित सेमीनार में पुस्तक का विमोचन करते हुए अतिथि। संवाद
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बहल। बीआरसीएम कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में परिणाम आधारित शिक्षा के माध्यम से तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (यूजीसी) द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। सेमिनार में देशभर से ऑनलाइन व ऑफलाइन 500 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सेमिनार के उद्घाटन समारोह में सीडीएलयू सिरसा के रजिस्ट्रार रहे डॉ. राजेश बंसल मुख्यातिथि थे जबकि डॉ. केएस सांगवान, सीनियर प्रोफेसर बिट्स पिलानी विशिष्ट अतिथि रहे। डॉ. बंसल ने प्रोग्राम आउटकम और कोर्स आउटकम पर प्रतिभागियों को विस्तार से बताया व कहा की आने वाले समय में हमें परिणामोन्मुखी पाठ्यक्रम पर ध्यान देना होगा जिससे छात्रों का चहुंमुखी विकास हो सके। सेमिनार में डॉ. केएस सांगवान ने शिक्षण से संबंधित विभिन्न विधियों और तकनीकों को विस्तार से समझाया। बीआरसीएम शिक्षण समिति के निदेशक डॉ. एसके सिन्हा ने नई शिक्षा नीति के बारे में व टीचिंग लर्निंग प्रोसेस के बारे में बताया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुज शर्मा ने अतिथियों का परिचय करवाया व कॉलेज के बारे में बताया। कार्यक्रम में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार के सीनियर प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार व डॉ. दीपक केडिया ने तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार पर अलग-अलग विषय पर अपने विचार रखे। सेमिनार के कोआर्डिनेटर अमित कुमार ने दो दिवसीय सेमिनार के बारे में बताया। डॉ. जितेंद्र गौड़ ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर प्राचार्य अनुज शर्मा, मुख्य वित्त अधिकारी मनीष खत्री, रजिस्ट्रार पवन पंघाल, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. जितेन्द्र गौड़, विश्वास यादव, डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. कुलदीप भारद्वाज, रविंदर चहल, अमित रंजन, संदीप जाखड़, सुनीता, अनीता दलाल, नेहा चहल उपस्थित रहे।