किसानों के धरने को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने भी समर्थन किया और कहा कि किसानों के लिए सरकार ने विकट स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ तो खेत में बिजाई का काम चल रहा है और दूसरी तरफ डीएपी के लिए हर रोज लाइनों में लगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बहल क्षेत्र के लिए करीब 70,000 बैग डीएपी की जरूरत है जबकि अब तक कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार केवल 10,000 बैग किसानों को दिए गए हैं। ऐसे में 60,000 बैगों की आपूर्ति कब और कैसे होगी, उनको इस बात का जवाब मिल जाए तो वे धरने से उठ जाएंगे।
किसानों को नायब तहसीलदार सुरेश कौशिक, थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार व कृषि अधिकारी मदन लाल ने समझाने का प्रयास किया, पर वे नहीं मानें। किसानों ने कहा कि जब तक बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होगी और उनको डीएपी की उपलब्धता के बारे में आश्वासन नहीं मिला तो वे अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर देंगे।
जाम के कारण लोगों को दिन भर परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर मानमनोव्वल के बाद शाम पांच बजे किसानों ने जाम खोल दिया। लंबे रूट पर चलने वाले लोडिंग ट्रकों की सडक़ के दोनों तरफ पूरे दिन लाइन लगी रही। धरने को डॉ. बलबीर सिंह ठाकन, अशोक आर्य, रामचंद्र फौजी, शक्ति सिंह गाढा, राजबीर सुरपुरा सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया।