जूई नहर में कुत्ते को नहलाता युवक।
भिवानी। भले ही तपिश भरी गर्मी में शहरवासियों को नियमित पेयजल आपूर्ति मिलना शुरू हो गई हैं, लेकिन इसी तरह बिजली के लंबे कट लगते रहे तो इस आपूर्ति पर भी जल्द संकट आ जाएगा, क्योंकि पुराना जलघर में अभी 50 फीसदी यानी आधे टैंक ही नहरी पानी से भरे हैं। बिजली के पांच से छह घंटे के लंबे कट लग रहे हैं, जिसकी वजह से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों को भी नहरों से पंपिंग के जरिए जलघर टैंकों तक पानी पहुंचने में परेशानी आ रही है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने भी लग रहे बिजली कटों से तंग आकर निगम अधिकारियों से पत्राचार कर नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की है, ताकि टैंकों तक नहरों में पानी रहते पर्याप्त भंडारण हो सके। भिवानी के महम रोड स्थित पुराने जलघर के टैंक अभी पानी से आधे ही भरे हैं। मित्ताथल फीडर से इन टैंकों को नहरी पानी की आपूर्ति होती है। करीब पांच से सात किलोमीटर भूमिगत पाइप लाइन के जरिए मित्ताथल हेड पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पंपिंग स्टेशन भी है।
जहां पानी की बड़ी मोटरों के जरिए ही पाइप में टैंकों तक पानी की आपूर्ति होती है। लेकिन पिछले तीन से चार दिनों से बिजली के लंबे कट लग रहे हैं, जिस कारण पानी की टैंकों तक आपूर्ति भी नहीं हो पा रही है। सिंचाई विभाग की मानें तो मित्ताथल फीडर में देरी से ही सही लेकिन अब 12 मई तक पानी मिलेगा। नहरों में भी अब पानी लबालब चल रहा है, मगर बावजूद इसके जलघर के टैंकों तक बिजली कटों की वजह से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
नहरों में पानी 12 मई तक मिलेगा, मगर पिछले कुछ दिनों से बिजली के लंबे कट लग रहे हैं, जिस कारण पंपिंग स्टेशन से महम रोड स्थित पुराने जलघर टैंकों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अभी तक जलघर के टैंक आधे ही भरे हैं, अगर ऐसे ही हालात रहे तो नहरों में पानी मिलने पर भी टैंक नहीं भर पाएंगे। इस संबंध में बिजली निगम अधिकारियों को भी पत्र लिखकर नियमित बिजली आपूर्ति दिए जाने का अनुरोध किया है।
-ताजदीन कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
जूई नहर में कुत्ते को नहलाता युवक।