भिवानी। जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए करीब दो करोड़ का बजट मंजूर किया है। शहर में कई दशकों पुरानी प्लास्टिक व सीमेंट पाइप की जर्जरहाल पाइप लाइन को बदलने का काम 15 दिन बाद शुरू होगा। नई पेयजल लाइन बिछाने के कार्य का हिसार की एक एजेंसी को वर्कऑर्डर जारी हुआ है। इसमें 10 किलोमीटर दायरे में नई पेयजल लाइन बिछाने के लिए खुदाई के काम पर 53 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
पाइप लाइन बदलने के बाद शहर के पांच जोन में पेयजल आपूर्ति सुधरेगी और करीब डेढ़ लाख की शहरी आबादी को इसका सीधा फायदा मिलेगा। पुराने शहर में पब्लिक हेल्थ विभाग ने करीब 35 साल पहले सीमेंटेड(एसी) व प्लास्टिक पाइप(पीवीसी) की 4 और 6 इंची लाइन डाली थी। जिन्हें अब बदली कर इनकी जगह डीआई पाइप डाले जाएंगे। पुराने शहर में लीकेज और गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या काफी समय से बनी हुई है। नई लाइन डालने के बाद इससे निजात मिलेगी।
पुराने शहर की अधिकतर कॉलोनियों में 35 साल पहले पेयजल लाइनें डाली गई थी। शुरुआत में विभाग ने सीमेंटेड (एसी) और बाद में पीवीसी(प्लास्टिक) की पेयजल लाइनें डाली थी। इन लाइनों में पानी का अधिक प्रेशर होने पर कई जगह से फटने व लीकेज की समस्या बनी। विभाग ने करीब दो साल पहले शहर में पुरानी लाइनों का सर्वे कराया था। इसमें 4 इंची व 6 इंची जर्जर हाल पेयजल लाइनों की पहचान हुई थी। सात मार्च 2020 को सीएम घोषणा में इस मसौदे को शामिल किया गया था। इसके बाद मामला पब्लिक हेल्थ मुख्यालय भेजा था। मुख्यालय ने शहरी पेयजल लाइन बदली करने के लिए करीब दो करोड़ का बजट मंजूर किया। इस बजट में लाइन बिछाने और डीआई पाइप खरीद का बजट भी शामिल है। (संवाद)
यहां बदली जाएंगी पुरानी पेयजल लाइनें
शहर के हालु बाजार, लोहड़ बाजार, कृष्णा कॉलोनी, पुराना भारत नगर कॉलोनी, पतराम गेट, बिचला बाजार, हनुमान ढाणी, नई बस्ती हालुवास गेट, हालु मोहल्ला, महम रोड परशुराम नगर सहित शहर के पांच जोन में पुरानी पाइप लाइन की जगह नई लाइनें डाली जाएगी। इसमें करीब साढ़े छह किलोमीटर लाइन 4 इंची व करीब साढ़े तीन किलोमीटर 6 इंची लंबी पेयजल लाइनें शामिल हैं। शहर में 34569 वैध पेयजल कनेक्शन हैं। करीब 55 हजार अवैध पेयजल कनेक्शनों की विभाग ने पहचान की हुई है।
खराब वॉल्व भी बदले जाएंगे
शहरी दायरे में सभी बूस्टरों पर लगे पुराने व खराब वॉल्व भी बदले जाएंगे। फिलहाल लगे कुछ वॉल्व पानी के प्रेशर से फट रहे हैं और लीकेज की वजह भी बन गए हैं।
अधिकतर कॉलोनियों से आ रही गंदे पानी आपूर्ति की शिकायतें
शहर की अधिकतर कॉलोनियों से पब्लिक हेल्थ विभाग के पास गंदे पानी की आपूर्ति की समस्याएं आ रही हैं। इनकी मुख्य वजह पुरानी व क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनें मानी जा रही हैं। कई जगह सीवर के काफी नजदीक भी जर्जर हाल पेयजल लाइने हैं, जिनसे गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। रोजाना ही विभाग के समक्ष 15 से 20 शिकायतें गंदा पानी आपूर्ति की आ रही हैं।
हिसार की एक एजेंसी को शहर में करीब दस किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बदली किए जाने का वर्क ऑर्डर किया है। फिलहाल बारिश का मौसम चल रहा है, इस वजह से गलियों के अंदर खुदाई संभव नहीं है। जैसे ही मौसम साफ होगा काम शुरू करा दिया जाएगा। पाइप लाइन बिछाने पर करीब 53 लाख का खर्च आएगा।
- प्रमोद कुमार, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल शाखा, जन स्वास्थ्य विभाग।