भिवानी में बेटे से कुकर्म और दबंगों पर समझौते के दबाव का आरोप लगाते हुए एक मिल मजदूर ने परिवार सहित न केवल नौकरी छोड़ी बल्कि हरियाणा ही छोड़ने का फैसला कर अपने गांव लौट गया। बिहार के एक गांव वासी मजदूर ने आरोप लगाया कि गुरुकुल में उसके बेटे के साथ एक आचार्य ने कुकर्म किया। एफआईआर दर्ज है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद दबंग उन्हें धमकियां दे रहे हैं। इसलिए उसने अपने और परिवार की जान की चिंता करते हुए अपने गांव जाना ज्यादा बेहतर समझा। इसकी शिकायत उसने मुख्यमंत्री को भी की है।
मंगलवार शाम करीब पांच बजे गाड़ी में अपना सारा सामान डालते पीड़ित मजदूर ने बताया कि वह 1990 से यहां मिल में नौकरी कर रहा हूं। उसने अच्छी शिक्षा के लिए बेटे को झज्जर के एक गुरुकुल में भर्ती करवाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त गुरुकुल में अनैतिक कार्य होते हैं और उसका बेटा भी शिकार बना।
उसके बेटे के साथ 13 मई 2015 में कुकर्म किया गया। जिसकी शिकायत संबंधित थाना में दी गई। मामला अब न्यायालय में विचाराधीन है। मगर दबंग उसे परेशान कर रहे हैं और समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। इसी कारण करीब आठ माह पूर्व अक्तूबर माह में वह परिवार सहित गांव चला गया था।
अब आया हूं और सामान लेकर हरियाणा ही छोड़ रहा हूं। जब वह अक्तूबर माह में भिवानी था तो एक बोलेरो गाड़ी में भरकर यहां बदमाश आए और उसे धमकी देते हुए केस वापस लेने का दबाव बनाया। उसने झज्जर पुलिस को शिकायत दी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आचार्य व स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप
मजदूर ने आरोप लगाया कि उक्त गुरुकुल में अनैतिक कार्य, गैर कानूनी कार्य हो रहे हैं। आचार्य ही बच्चों को शिकार बना रहे हैं। कुकर्म जैसे अनैतिक कार्यों के अलावा बच्चों से पूरा-पूरा दिन मजदूरी करवाई जाती है। किसी से फसल कटवाई जाती है तो किसी से पशुओं का गोबर उठवाया जाता है। बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है। जो अनुदान आता है, उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। बच्चों के लिए रखी गायों का दूध बाजार में बेचा जा रहा है। विरोध करने वाले को प्रताड़ित किया जाता है। इन सबकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और जो दोषी है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।