भिवानी। कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में दिल्ली के साथ लगते जिलों के बाद रोहतक और हिसार में भी कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं। इन पड़ोसी जिलों से सबक लेते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। जिला मुख्यालय पर स्थित नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर नौ में 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनकर तैयार हो गया है, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा। कोरोना संक्रमण कम होने की वजह से इस वार्ड को प्राइवेट वार्ड बनाया था, जिसे में फिर से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। हालांकि जिन मरीजों को कोरोना के सामान्य लक्षण हैं और उनके घर पर आइसोलेट होने की व्यवस्था है, तो उन्हें होमआइसोलेशन में ही प्राथमिकता दी जाएगी। बाकी अधिक लक्षणों वाले मरीजों को अस्पताल में ही दाखिल किया जाएगा।
कोरोना की दूसरी लहर में जिले में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई थी, जिससे सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने नागरिक अस्पताल में 1000 लीटर प्रति मिनट की सप्लाई का ऑक्सीजन प्लांट बनाया। वहीं, सिवानी और तोशाम में भी ऑक्सीजन प्लांट बनाए जा रहे हैं, जिनकी क्षमता 300 लीटर प्रति मिनट की रहेगी। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की सांस नहीं थमेंगी। वहीं, अब चौथी लहर की आशंका होते ही स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन और आईसीयू वार्ड की व्यवस्था की है, जहां कोरोना संक्रमितों के लिए 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। वहीं, गंभीर मरीजों के लिए 28 बेड का आईसीयू तैयार किया है, जिनमें ऐसे मरीजों को दाखिला किया जाएगा जिनकी हालत गंभीर है और उन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है। इनके अलावा स्वास्थ्य विभाग के पास 37 वेंटिलेटर है, जिनमें से नौ वेंटिलेटर पोर्टेबल है। साथ ही रेफर किए जाने वाले गंभीर मरीजों की आपातकाल स्थिति के लिए दो एंबुलेंस में भी वेंटिलेटर की सुविधा है।
अस्पताल में 215 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल दाखिल मरीजों के लिए ऑक्सीजन का विशेष प्रबंध किया है। इसके लिए नागरिक अस्पताल में वार्डों, आईसीयू वार्ड, नीकू वार्ड, आपातकालीन विभाग में ऑक्सीजन के बेड तैयार किए है। अस्पताल में फिलहाल 215 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। इन बेड पर सेंट्रल पाइप लाइन लगाई गई है। साथ ही उनके अलावा ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था की गई है।
सीएचसी-पीएचसी पर भी इंचार्ज को किया अलर्ट
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन और नजदीक में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए सीएचसी और पीएचसी बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर उपचार के साथ ही कोरोना जांच और टीकाकरण के निर्देश सिविल सर्जन की ओर से जारी किए गए हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को इन सेवाएं के लिए भटकना न पड़े। साथ ही सीएचसी व पीएचसी इंचार्ज को ओपीडी में लक्षण वाले मरीजों की कोरोना जांच अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे सैंपलिंग के आंकड़ों में भी वृद्धि होगी।
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वर्जन:
कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की आशंका जताई जा रही है। साथ ही नजदीकी जिलों में भी मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। ऐसे में संक्रमण के मामले पर संज्ञान लेते हुए चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही टीकाकरण अभियान को अधिक सक्रिय करने और नियमित रूप से कोरोना सैंपलिंग करवाने के बारे में भी विशेष तौर पर कहा गया है। नागरिकों से अपील है कि कोरोना सुरक्षा नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से घर से न निकलें।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।