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कालाबाजारी : अधिकृत बिक्री केंद्रों पर खाद के साथ जबरन बेचे जा रहे अनाधिकृत बीज, किसान परेशान

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नई अनाजमंडी में खाद लेने पहुंचे किसान अपनी बारी का इंतजार करते। संवाद - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। किल्लत के बीच खाद खरीदना किसानों के लिए महंगे के साथ आफत बन गया है। दरअसल किसानों को अधिकृत बिक्री केंद्रों पर खाद खरीदने पर जबरन बीज भी बेचे जा रहे है। किसानों का आरोप है कि ये अनाधिकृत और नकली बीज है। बीज ही नहीं किसानों को जबरन सल्फर भी बेची जा रही है। ऐसे में खाद खरीदना किसानों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है।
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दूसरी ओर से शहर में सरकारी गोदाम खाली हो चुके हैं, वहीं प्राइवेट यानी अधिकृत बिक्री केंद्रों पर खाद की कोई कमी नहीं है। लंबी लाइनों से बचने के लिए किसान अधिकृत खाद विक्रेताओं से महंगी खाद तो खरीद रहे हैं।
जिले भर में रबी सीजन की अब तक सरसों की करीब दस हजार एकड़ में ही बिजाई हो पाई है। सरसों की बिजाई 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक होती है। फिलहाल मौसम गर्म है, जिसकी वजह से सरसों की बिजाई पर रूकी हुई है। मगर खाद की कमी आशंका से घिरे किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जिन्हें खाद भी नसीब नहीं हो रही है। बिजाई के लिए किसानों को डीएपी की जरूरत है। प्राइवेट बिक्री केंद्रों पर डीएपी के साथ साथ सरसों बिजाई में इस्तेमाल होने वाला सल्फर भी दबाव बनाकर बेचा जा रहा है। क्योंकि खाद लेनी है तो इसी के साथ दो से तीन वस्तुएं भी खरीद की शर्त थोपी जा रही है।
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अभी तक दस हजार एकड़ में हुई बिजाई, दो लाख कट्टे बिक चुकी खाद
कृषि विभाग की बिजाई शेड्यूल के हिसाब से जिले भर में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे पर सरसों की बिजाई की जानी है। लेकिन अभी तक करीब दस हजार एकड़ में ही सरसों की बिजाई की गई है। जबकि सरकारी रिकार्ड के अनुसार अब तक जिले भर में करीब दो लाख डीएपी खाद के कट्टे बिक चुके हैं।
उपमंडल स्तर पर कृषि अधिकारी व एसडीएम की टीमें कर रही छापेमारी
रबी सीजन में फसल बिजाई की शुरुआत में ही खाद किल्लत बनी तो हालात बिगड़ गए। जिला प्रशासन ने उपमंडल स्तर पर खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि अधिकारियों के साथ संबंधित एसडीएम की टीमें बनाकर संभावित जगहों पर छापेमारी की जा रही है। जांच में खाद का स्टॉक खाली ही मिला है।
अब रोजाना आएंगे जिले मेें 12 हजार डीएपी के कट्टे
खाद किल्लत को दूर करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने खाद की आवक पर जोर दिया है। जिले में हर रोज करीब 12 हजार डीएपी आएगी। वीरवार को 11 हजार डीएपी कट्टे पहुंचे, वहीं हिसार से भी शुक्रवार को 12 हजार डीएपी कट्टे मंगवाए गए हैं। इसी के साथ दो हजार डीएपी के कट्टे लोहारू भेजे गए हैं। तीन हजार डीएपी कट्टे ढिगावामंडी व दो हजार डीएपी कट्टे सिवानी भेजे हैं, जिसमें एक हजार बहल व ओबरा में भेजे जाएंगे।
किसान बोले बीज के नाम पर हो रहा है धोखा
अधिकृत बीज की दुकानों पर खाद लेने गया था। दुकानदार बोला कि खाद के कट्टे के साथ उसका बीज भी खरीदना पड़ेगा, तभी उसे खाद मिलेगी। बीज असली है या नकली, इसकी भी कोई पुष्टि नहीं है, क्योंकि थैले पर वैरायटी और उसकी प्रमाणिकता का भी कोई सबूत मौजूद नहीं है।
-नरेश कुमार, लालावास।
पैक्स सोसायटी के बाहर खाद के लिए लंबी लाइनें लगी हैं, मगर चहेतों को ही खाद मिल रही है। हमें प्राइवेट खाद लेने पर महंगी मिल रही है, साथ ही दुकानदार बीज, सल्फर सहित कई अन्य चीजों की खरीद का भी दबाव बना रहा है। ऐसे में हमारे लिए फसल बिजाई भी बड़ी चुनौती बन गई है।
-राकेश, नीमड़ीवाली
वर्जन:::
अधिकृत बिक्री केंद्रों पर गुण नियंत्रण कमेटी निगरानी कर रही है। खाद बिक्री की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि अधिकारियों के साथ उपमंडल स्तर पर एसडीएम की निगरानी कमेटियां बनी हैं। संभावित जगहों पर भी स्टॉक जांचा जा रहा है। रोजाना ही अब डीएसपी जिले में आएगी, इसके बाद कोई किल्लत नहीं होगी।
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-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
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