भिवानी। चीन में आयोजित किए जा रहे 19वें एशियन गेम्स का रविवार यानि 8 अक्तूबर को समापन होना है। भारत ने अब तक आयोजित किए गए एशियन गेम्स में सबसे अधिक पदक हासिल किए हैं। वहीं, बॉक्सिंग के कारण मिनी क्यूबा के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध भिवानी के खिलाड़ियों का भारत की पदक तालिका में योगदान देने का सिलसिला भी बरकरार रहा। मूल रूप से भिवानी के गांव बड़ेसरा निवासी प्रीति पवार ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीतकर यह परंपरा कायम रखी।
इससे पहले 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित 18वें एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में भिवानी के विकास कृष्ण यादव ने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा साल 2014 में आयोजित 17वें एशियन गेम्स में भिवानी के गांव निमड़ीवाली निवासी महिला बॉक्सर पूजा बोहरा और विकास कृष्ण यादव ने कांस्य पदक हासिल किए थे। अब 2023 में आयोजित 19 वें एशियन गेम्स में प्रीति ने बॉक्सिंग में कांस्य पदक जीतकर भिवानी से भारत की पदक तालिका में योगदान को जारी रखा है।
प्रीति पवार ने इस पदक के साथ ही आगामी ओलंपिक खेलों के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। प्रीति मूल रूप से गांव बड़ेसरा निवासी हैं। वह फिलहाल महम में रहती हैं। उनके पिता का नाम सोमबीर और माता का नाम शमीन देवी है। सोमबीर हरियाणा पुलिस में बतौर एएसआई कार्यरत हैं।
जिले से पांच खिलाड़ियों ने की एशियन गेम्स में शिरकत
जिले से पांच खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में शिरकत की। इनमें तीन खिलाड़ी तो केवल बॉक्सिंग से हैं, जबकि दो खिलाड़ी भारतीय महिला फुटबॉल टीम में शामिल थीं। भिवानी से बॉक्सिंग के लिए प्रीति पवार के अलावा शहर में महताब दास की ढाणी निवासी जैस्मिन लंबोरिया और मिताथल निवासी सचिन सिवाच शामिल हैं। सचिन और जैस्मिन लंबोरिया ने कोई पदक नहीं जीता। इसके अलावा भारतीय फुटबॉल टीम में बवानीखेड़ा ब्लॉक के गांव अलखपुरा से रितु और संजू शामिल थी। लेकिन भारतीय महिला फुटबॉल टीम नॉकआउट स्टेज से पहले ही हारकर बाहर हो गई।