भिवानी। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रेम नगर गांव की कमेटी के बीच कई मांगों पर सहमति बन गई है। ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय का रास्ता खोल दिया है, लेकिन धरना जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें इन सभी मांगों को लेकर लिखित में नहीं मिल जाता है तब तक धरना जारी रहेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल की अगुवाई में विश्वविद्यालय की ओर से डीन शैक्षणिक प्रो. राधेश्याम, डीन विद्यार्थी कल्याण डॉ. सुरेश मलिक, अभियांत्रिकी सलाहकार केके शर्मा और जिला प्रशासन की ओर से डीएसपी विरेंद्र सिंह, तहसीलदार रविंद्र मलिक और धरने के अध्यक्ष कैप्टन कलम सिंह व जाटू खाप-84 के कार्यवाहक अध्यक्ष रोहताश पहलवान मिताथल और अन्य ग्रामीणों के साथ बैठक हुई। बैठक में कमेटी ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं जिला प्रशासन के समक्ष 13 मांग रखी गई। इसके बाद मांगों पर सहमति बनी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने विवि का रास्ता खोल दिया है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें इन सभी मांगों को लेकर लिखित में नहीं मिल जाता है तब तक धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर सुरेश फौजी, प्रवीन बूरा, पूर्व सरपंच बिजेंद्र, सुरेंद्र पंघाल, सोमबीर, राजसिंह, एडवोकेट भरत सिंह, राजेश बूरा, सोमबीर बूरा, सुखबीर ढांडा और संजय नंबरदार आदि मौजूद रहे।
इन बातों पर बनी सहमति
विश्वविद्यालय में आउटसोर्स नौकरियों के 10 प्रतिशत प्रेमनगर के युवाओं के लिए आरक्षित करने पर सरकार से मार्गदर्शन लेने की सहमति बनीं। नियमित नौकरियों की मांग सरकार को अग्रेषित कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय की ओर से पहले से ही प्रत्येक कोर्स में एक सीट प्रेमनगर गांव के विद्यार्थी के लिए दी हुई है। दूसरी सीट महिला के लिए देने की मांग पर कमेटी गठित कर नियमानुसार कार्यवाही करने की सहमति बनी।
विश्वविद्यालय की उत्तर दिशा की दीवार का मामला तहसीलदार से संबंधित है। इसकी पुन: पैमाइश करवाने पर सहमति बनी।
पीएचडी प्रवेश में गांव प्रेमनगर के विद्यार्थियों को पांच अंक की रियायत देने पर कमेटी गठित कर नियमानुसार कार्यवाही करने की बात हुई।
विश्वविद्यालय के स्टेडियम में अभ्यास और लाइब्रेरी में पढ़ने की मांग पर उचित पहचान पत्र पर अनुमति देने की सहमति बनी।
विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद् में गांव से एक सदस्य की मांग पर फैसला हरियाणा सरकार एवं महामहिम राज्यपाल द्वारा किया जाता है जिसके संदर्भ में विश्वविद्यालय द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करने की सहमति बनी।
शब्दों की मर्यादा रखे विश्वविद्यालय प्रशासन : कैप्टन कलम सिंह
धरने के अध्यक्ष कैप्टन कलम सिंह ने कहा कि पुलिस को दी शिकायत में यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा धरने पर बैठे किसानों और ग्रामीणों को असामाजिक तत्व कहा गया है। धरने पर बैठने वाले गणमान्य और इज्जतदार लोग हैं। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन शब्दों की मर्यादा को न भूले। उन्होंने कहा कि उन्होंने आश्वासन के आधार पर विश्वविद्यालय का रास्ता खोल दिया है मगर जब तक उन्हें लिखित में नहीं दिया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।