भिवानी। पंचायत विभाग से एक रिटायर्ड दिव्यांग कर्मचारी को जमीन पर साढ़े 24.55 लाख रुपये का लोन लेकर जालसाजों ने चूना लगा डाला। पीड़ित को इसकी भनक लगी तो उसने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में दादरी गेट लक्ष्मी नगर गली नंबर छह निवासी महेश कुमार ने बताया कि वह पंचायत विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी होने के साथ-साथ एक हाथ से दिव्यांग भी है। उसने शिकायत में बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उसने मुकेश से 40 कनाल जमीन तीन जून 2020 को खरीदी थी। जिसके बाद उसने 17 अगस्त को इसका इंतकाल भी करवाकर जमीन पर कब्जा भी ले लिया था। इसके बाद उसने इस जमीन को बेचने के लिए 12 जनवरी 2021 को 71 लाख 75 हजार रुपये का इकरारनामा विनोद कुमारी व सुरेश कुमार झिंझरवासी के नाम करा दिया था। जिसकी रजिस्ट्री 27 मई को होनी तय की गई थी। उसे तहसील आने पर पता चला कि मुकेश ने बैंक कर्मचारी और मैनेजर से मिलीभगत कर 2010 में छह लाख और 2014 में जूई बैंक से 18 लाख 55 हजार रुपये का लोन लेकर हजम कर लिया था। आरोपी ने राजस्व रिकॉर्ड के कर्मचारियों से मिलीभगत कर रिकॉर्ड में लोन दर्ज नहीं कराया। फिर उसी जमीन को उसे षड्यंत्र के तहत बेच धोखाधड़ी की। इसकी भनक उसे जमीन की नई जमाबंदी निकलवाने पर लगी। जिसके बाद आरोपी मुकेश पहले तो लोन राशि भरने की बात कहता रहा और बाद में मुकर गया। मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को दी। जिसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में आरोपी मुकेश के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।