भिवानी। अप्रैल में सूर्य की तपिश धरती पर बढ़ी है। इसी के साथ लोगों की पेयजल जरूरतों की डिमांड भी बढ़ गई है। लेकिन इस बार गर्मी में सुखद बात यह है कि सिंचाई विभाग की जूई डिविजन के तहत 88 गांवों के 170 जलघर के टैंक पानी से लबालब हो गए हैं। हालांकि अब नहरों में पानी बंद हो चुका है, मगर अगली बार नहर आने तक पेयजल जरूरतों के लिए पानी की आपूर्ति संभव हो पाएगी।
सिंचाई विभाग के जूई वाटर डिविजन के तहत जूई फीडर, जूई कनाल और निगाना फीडर नहरें आती हैं। इन नहरों की टेल तक करीब 88 गांव लगते हैं। जिनमें करीब 170 जलघर के टैंक हैं। कुछ अर्से पहले ही मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जिले के बड़े गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष भी लोगों ने पानी की मांग उठाई थी। सीएम के जनसंवाद के पहले से ही नहरों में अतिरिक्त पानी सिंचाई विभाग ने छोड़ा था। उनके जाने के बाद भी निर्धारित शेड्यूल से नहरी पानी मिला। जिसका असर ये हुआ कि ग्रामीण क्षेत्र के जलघर टैंकों तक पर्याप्त पानी पहुंचा।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी नहरों की टेल तक लगने वाले जलघर टैंकों और पशुओं के पीने के पानी योग्य जोहड़ों में भी नहरी पानी की व्यवस्था कराई है। हालांकि अप्रैल में पारा लगातार बढ़ रहा है। जिससे गर्मी के तेवर भी तीखे हो रहे हैं, मगर गर्मी में लोगों को अब प्यास नहीं सताएगी ये बड़ी राहत की बात है।
जूई डिविजन के तहत 88 गांव आते हैं, इन सभी गांवों में करीब 170 जलघर टैंकों तक पर्याप्त नहरी पानी पहुंचा है। सभी गांवों में पीने के पानी की काफी बेहतर स्थिति है। नहरों में पानी चलने तक हमारा प्रयास और प्राथमिकता यही रही कि हर गांव के जलघर टैंकों तक पर्याप्त पानी पहुंचे। अगली बार नहर में पानी आने तक पानी की उचित व्यवस्था हो चुकी है।
- राहुल शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर डिविजन सर्विसेज सिंचाई विभाग।