हरियाणा सरकार ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में अतिरिक्त सस्ते आवासों की संख्या में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से एक विस्तृत ‘सस्ते आवास नीति-2013’ अधिसूचित की है।
नगर एवं ग्रामीण आयोजना विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह नीति ग्रुप हाऊसिंग परियोजनाओं को पूरा करने और उसकी योजना बनाने को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।
इसमें पुन: परिभाषित अपार्टमेंट के आकार शहरी आवास मार्किट में सस्ते आवास की बढ़ी हुई आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक निर्धारित समय के भीतर पूर्व निर्धारित दरों पर उपलब्ध करवाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी सभी परियोजनाओं के भवन नक्शों के अनुमोदन या पर्यावरण अनापत्ति, जो भी बाद में हो, मिलने की तिथि से चार वर्ष के अंदर अनिवार्य रूप से पूरा कराना होगा।
यह तिथि परियोजना के शुरू होने की तिथि मानी जाएगी और परियोजना के शुरू होने की तिथि से चार वर्ष की अवधि के बाद लाईसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
इस नीति के तहत परियोजनाओं को केवल राज्य के विभिन्न नगरों या शहरों की अधिसूचित विकास योजनाओं के आवासीय जोन में ही अनुमति दी जाएगी।
विकास योजना में ऐसी परियोजनाओं की अनुमति देने के लिए अधिकतम क्षेत्र के लिए मानदंड नियंत्रित किए जाएंगे।
इसके अंतर्गत, गुड़गांव, फरीदाबाद, पंचकूला, पंचकूला विस्तार और पिंजौर-कालका के लिए 300 एकड़ तथा सोनीपत, पानीपत,करनाल, धारूहेड़ा, बहादुरगढ़ और सोहना के लिए 150 एकड़ तथा शेष विकास की योजनाओं के लिए 75 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है।