साधू के वेश में छावनी रेलवे स्टेशन पर बैठे गांजा तस्कर को जीआरपी ने वीरवार शाम को गिरफ्तार किया। तस्कर की पहचान लुधियाना निवासी 32 वर्षीय मंगा के तौर पर हुई।
जांच अधिकारी धर्मवीर सिंह व राजकुमार ने बताया कि आरोपी प्लेटफार्म 7 पर बैठा हुआ था। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने भगवा वस्त्र धारण किए हुए थे। जांच के दौरान जब जीआरपी की टीम उसके पास पहुंची तो वह टीम को देखकर घबरा गया। उसने मौके से भागने की कोशिश की। आरोपी को पकड़ने के बाद जब उसके पास मिली गठड़ी की जांच तो इसके अंदर से 19 किलो गांजा प्राप्त हुआ। गांजे की बाजारी कीमत लगभग 1 लाख रुपये बताई गई है।
प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से ट्रेनों के माध्यम से ही गांजा तस्करी का काम कर रहा था। इसके लिए उसने अपनी वेशभूषा भी बदली थी और भगवा वस्त्र धारण की साधू का रूप धारण किया था ताकि कोई उस पर शक न कर सके। लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने बताया कि वह रतलाम से गांजा लेकर आया था। उसने इस गांजे को पंजाब के अलग-अलग स्थानों पर देना था, इस कार्य के लिए वह लोगों से अच्छी रकम लेता था।
आरोपी के खिलाफ जीआरपी थाने में एनडीपीसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। आरोपी को 19 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा और कोर्ट के आदेशानुसार आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा ताकि उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। इस कार्रवाई के दौरान हेड कांस्टेबल सुशील और कांस्टेबल पंकज मौजूद रहे।