अभिषेक वर्मा अपने माता-पिता के साथ।
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नारायणगढ़। रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले के 10वें दिन शुक्रवार को नारायणगढ़ के तीन छात्र अनेकों बाधाएं पार कर सकुशल अपने घर में पहुंच गए। वर्ष 2017 में यूक्रेन के ओडेसा शहर में मेडिकल की शिक्षा प्राप्त करने गए नारायणगढ़ के अभिषेक वर्मा के पिता प्रवीन वर्मा ने बताया कि उनका पुत्र 26 फरवरी की शाम चार बजे ओडेसा से बस में बैठकर रोमानिया बार्डर पर पहुंच गया था। जहां पर उसे 30-40 घंटे इंतजार करने के उपरांत रोमानिया बार्डर से अंदर प्रवेश करने दिया गया। उसके बाद से उसका पुत्र अपने अन्य साथियों के साथ रोमानिया एयरपोर्ट पर शेल्टर होम में रह रहा था। वह शुक्रवार को सकुशल नारायणगढ़ अपने घर पहुंच गया। अभिषेक वर्मा को लगभग पांच साल बाद अपने पास आया देख माता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने अभिषेक के नारायणगढ़ सकुशल पहुंचने पर ईश्वर का धन्यवाद किया।
नारायणगढ़ के एक अन्य छात्र हर्षवर्धन और अभिनव बंसल भी सकुशल यूक्रेन से अपने घर आ गए हैं। हर्षवर्धन के पिता लाजपत ने बताया कि उनका पुत्र हर्ष, अभिनव बंसल, एक और परिचित वीरेन नरवाल शुक्रवार की सुबह लगभग आठ बजे बुडापेस्ट से दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे। लाजपत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशानुसार यूक्रेन से आने वाले सभी भारतीय छात्रों को उनके घर के नजदीक लगते एयरपोर्ट पर भेजने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकारी को सौंपी गई थी। उन्होंने बताया कि जैसे ही उनके बच्चे दिल्ली पहुंचे, वहां उनका स्वागत केंद्रीय रेलवे एवं टेक्सटाइल राज्यमंत्री दर्शना जर्दोश ने किया।
बाद में एयरपोर्ट स्थित हरियाणा के डेस्क पर बैठे अधिकारियों ने उन्हें स्वयं अपने घरों में जाने को कहा। लाजपत के अनुसार इस पर उन्होंने उपायुक्त अंबाला विक्रम सिंह से बातचीत की। उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी दी। तभी उपायुक्त ने टेलीफोन पर दिल्ली एयरपोर्ट पर स्थापित हरियाणा डेस्क पर बैठे अधिकारियों को आदेश दिए। अधिकारी वहां से उन्हें हरियाणा भवन में ले गए। जहां से प्रदेश सरकार ने गाड़ी में उन्हें नारायणगढ़ तक पहुंचाया। लाजपत व कृष्ण बंसल ने अपने पुत्रों की सकुशल वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईश्वर का धन्यवाद किया।
घर पहुंचने पर हर्षवर्धन अपने पिता व अन्य के साथ।- फोटो : Ambala