The plan to transport garbage out of the city failed, the city is getting dirty due to the piles of garbage at the dumping points.
- फोटो : Ambala
अंबाला सिटी। शहर को गंदगी से मुक्त बनाने के लिए घरों से निकलने वाले कूड़े को शहर से बाहर करने की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। नगर निगम व परिषद के सैकड़ों सफाई कर्मचारियों की फौज के बावजूद भी निर्धारित डंपिंग जोन के साथ-साथ जगह-जगह चौक-चौराहों पर गंदगी के ढेर लग रहे हैं और शहर फिर से गंदा होता जा रहा है। डंपिंग जोन को खत्म करने के लिए जो वायदे किए गए थे वो भी महज हवा होते दिख रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि लोगों के अलावा खुद सफाई कर्मचारी ही इन रिहायशी इलाकों के बीच बने डंपिग जोन में गंदगी डालकर चले जाते हैं और दिनभर वो कूड़े का ढेर वहीं लगा रहता है।
स्थानीय लोगों का बदबू के कारण पास से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि बेसहारा पशुओं का भी जमावड़ा लगा रहा है। अंबाला शहर व छावनी में रविवार की स्थिति देखने पर सफाई बंदोबस्त के लिए तमाम दावें खोखले साबित नजर आए। बता दें कि नगर निगम ने खुद इस डंपिंग प्वाइंट को खत्म करने का निर्णय लिया था। कूड़े डालने के कूछ देर में ही कूड़े का उठान ट्रालियों के जरिए हो जाता था।
हमारी ओर से मुख्य चौराहों व रिहायशी इलाकों के बीच बने डंपिंग प्वाइंटों को खत्म करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। कूड़ा जमा होते ही तुरंत उसका उठान करवा दिया जाता है। फिर भी कहीं नियमित कूड़ा नहीं उठ रहा है तो पता किया जाए और कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि काम को गंभीरता से किया जाए।
- मनदीप सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम अंबाला।
कर्मचारियों को कूड़े के उठान के लिए सख्ती से दिशा-निर्देश दिए गए है कि कहीं भी कूड़ा जमा न हो सके। नियमित तौर पर इसकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है। कहीं कूड़ा जमा है तो संबंधित कर्मचारियों से कारण पूछा जाएगा और उन्हें भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने के लिए बोला जाएगा।
-विनोद बैनीवाल, चीफ सेनेेटरी इंस्पेक्टर नगर परिषद अंबाला