पापा छेड़छाड़ करते थे, ये मुझे अच्छा नहीं लगता था। इसकी शिकायत पहले मैंने परिजनों से की, जब उन्होंने कुछ नहीं किया तो फिर मामले की शिकायत पुलिस से की। अब पापा जेल में हैं, लेकिन बुआ उन्हें छुड़वाने का दबाव बनाकर मारपीट करती है। इसलिए घर से भाग कर अंबाला पहुंच गई।
ये जानकारी छावनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 4 पर मिली 15 वर्षीय नाबालिग ने दी। स्टाल संचालक की मदद से मिली आरपीएफ ने नाबालिग को रेलवे चाइल्ड टीम के हवाले किया है। चाइल्ड टीम ने नाबालिग का मेडिकल करवाकर अभी उसे शेल्टर होम भेज दिया है, वहीं सीडब्लयूसी नाबालिग की काउंसलिंग करने की तैयारी में है ताकि नाबालिग द्वारा दी गई जानकारी की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
आरपीएफ एएसआई दान सिंह को वीरवार रात लगभग 8 बजे जानकारी मिली थी कि प्लेटफार्म 4 पर एक लड़की बैठी है जो घर से भाग कर आई है। एएसआई ने महिला कर्मचारी के साथ मौके पर पहुंचकर लड़की से पूछताछ की तो उसने घर से भागने की बात कही। इसके बाद लड़की को आरपीएफ पोस्ट पर लाया गया और मामले की जानकारी रेलवे चाइल्ड टीम को दी गई।
टीम के सदस्य परविंदर और विपिन आरपीएफ कार्यालय पहुंचे और कागजी कार्रवाई के बाद लड़की को संरक्षण में लिया। प्राथमिक पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली है और दादा-दादी व बुआ के पास रहती है। लड़की ने बताया कि उसके पिता गलत हरकतें करते थे जो उसे अच्छा नहीं लगता था।
उसने इस संबंध में कई बार परिजनों को भी जानकारी दी लेकिन किसी ने मदद नहीं की, मजबूरन उसने पिता की शिकायत पुलिस से की। अब उसके पिता जेल में हैं, वहीं परिजन शिकयत वापस लेने का दबाव बनाते हुए रोजाना उससे मारपीट कर रहे हैं। इसलिए उनके डर व मारपीट से तंग आकर वह घर से भाग गई और ट्रेन में बैठकर अंबाला पहुंच गई।
टीम सदस्यों ने बताया कि बच्ची की अभी काउंसलिंग नहीं हुई है। सीडब्लयूसी को इसकी जानकारी दी गई है। काउंसलिंग और परिजनों से बातचीत करने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी कि नाबालिग झूठ बोल रही है या सच।