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महंगा हो रहा आशियाने का सपना

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अंबाला सिटी। सपनों का आशियाना बनाना महंगा होता जा रहा है। लगातार बढ़ रहे सामान के दामों के साथ ही घर बनाने का बजट भी बढ़ रहा है। इस कारण पहले से निर्माणाधीन मकानों के मालिकों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। जिस घर को बनाने में एक साल पहले करीब 50 लाख रुपये लगते थे, अब वह घर 65 से 70 लाख रुपये में भी पूरा नहीं हो रहा है। मकान बनाने के लिए जरूरी ईंट, रेत, सीमेंट, सरिया व अन्य सभी सामान के दाम कम से कम 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। वहीं लक्कड़, पंलबर के सामान के साथ मजदूरी भी बढ़ गई है जो आमजन के लिए परेशानी बना हुआ है।
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सामान के साथ मजदूरी भी हुई महंगी
ठेकेदार राजबीर ने बताया कि मकान बनाना दिन प्रतिदिन महंगा होता जा रहा है। सामान के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं, मजदूरी भी बढ़ती जा रही है। एक साल पहले मजदूर 300 से 350 रुपये लेता था वह अब 400 या 450 रुपये तक ले रहे हैं। ऐसे ही मिस्त्री की दिहाड़ी भी 700 से बढ़कर 900 और 1000 रुपये तक हो गई है। इसका सीधा असर मकान की लागत पर पड़ता है। ऐसे में उन ठेकेदारों के सामने ज्यादा परेशानी आ रही है, जिन्होंने बड़े काम पकड़े हुए हैं, क्योंकि काम चल रहा है और सामान महंगा होता जा रहा है।
भट्ठा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान गोल्डी बुद्धिराजा ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले डीजल 10 से 12 रुपये तक महंगा हो गया है। कोयला भी भी बढ़कर सीधे 25 रुपये प्रतिकिलो हो गए गया है। ईंट पर भी जीएसटी बढ़ाकर 5 से 12 प्रतिशत कर दी गई है। ऐसे में ईंट की कीमत तो बढ़ी है, परंतु ईंट भट्ठा संचालक अभी भी नुकसान झेल रहे हैं। एक साल पहले जो ईंट 5500 रुपये की 1000 मिलती थी वह अब 6600 रुपये में बेच रहे हैं, परंतु यही उन्हें आठ हजार में पड़ रही है। इसके वह एक दम से कीमत नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
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सरिया के दोगुना तक बढ़े दाम
सरिया और सीमेंट विक्रेता अर्जुन धीमान ने बताया कि सरिया के दाम करीब दोगुना तक बढ़ गए हैं। कम से कम सस्ता सरिया भी इस समय 7500 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है जो पहले करीब चार हजार रुपये प्रति क्विंटल मिल जाता था। वहीं, अच्छी गुणवत्ता वाला सरिया पहले पांच हजार से 5500 तक मिलता था वह भी अब 8600 से नौ हजार तक मिल रहा है। सीमेंट के दाम भी बढ़े हैं। पहले सीमेंट का कट्टा 320 रुपये की आता था उसके दाम बढ़कर 420 रुपये हो गए हैं। केवल यही नहीं रेत, क्रशर, बजरी सभी की दाम में काफी उछाल आया है।
लकड़ी, बिजली, पलंबर के सामान में भी उछाल
केवल सरिया, सीमेंट ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि घर में प्रयोग होने वाले पलंबर का सामान, लकड़ी और बिजली का सामान, सभी में कई गुना उछाल आया है। इसका सीधा असर घर के बजट पर दिखाई दे रहा है। इसमें बिजली का सामान 20 से 25 और पलंबर का सामान 30 से 35 प्रतिशत तक बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए इन सामान की कीमतों में और अधिक उछाल देखने की उम्मीद जताई जा रही है।
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