संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। एशिया में विख्यात अंबाला शहर की कपड़ा बाजार को जल्द ही बिजली के तारों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी। लंबे समय से कारोबारी लटकी बिजली लाइन से न केवल दुखी हैं बल्कि उन्हें हर समय अग्निकांड का डर सताता रहता है। कई वर्षों से परेशान दुकानदारों की इस समस्या जल्द निदान हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कपड़ा बाजार में करीब 1100 दुकानें हैं। बाजार में बिजली के तारों के संजाल का मुद्दा गत सप्ताह हरियाणा सेवा अधिकार आयोग के आयुक्त टीसी गुप्ता की बैठक में भी कारोबारियों ने उठाया था। अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत कपड़ा बाजार में खुले और लटकी बिजली लाइन को हटाकर उनकी जगह सिंगल कोर एक्सएलपी आर्मर्ड केबल डाली जाएगी। शुरुआती चरण में बाजार तंग और संकीर्ण क्षेत्र से इसकी शुरुआत होगी।
इसके लिए बिजली निगम ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। इसी माह सर्वे पूरा होने के बाद अनुमानित लागत तय की जाएगी और काम शुरू कर दिया जाएगा। दिसंबर तक पहले चरण के तहत काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आने वाली दिक्कतों को नोट कर दूसरे चरण में दूर किया जाएगा।
इस साल बाजार की छह दुकानों में आग लग चुकी है। सभी में आग का मुख्य कारण शार्ट सर्किट ही रहा। अग्निकांडों में कारोबारियों को करोड़ों नुकसान हुआ था। बाजार की तंग गलियां में दमकल विभाग की गाड़ी तक का घुसना मुश्किल हो जाता है। जब तक दमकल विभाग की गाड़ी पहुंचती है तबाही हो चुकी होती है।
यदि ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर सभी के लिए राहत की बात है। एक्सईएन ने टीसी गुप्ता के साथ आयोजित बैठक में विश्वास दिलाया था कि कपड़ा मार्केट में कवर्ड बिजली लाइन डाली जाएगी। - दीपक आनंद, कारोबारी।
तारों का संजाल हटाने के लिए हर जगह गुहार लगा चुके हैं। दुकानों के आगे से लाइन निकल रही है। हर वक्त हमें हादसे का भय रहता है। यह ठीक होनी चाहिए। - गुलशन कुमार, कारोबारी।
कपड़ा बाजार के मुख्य चौक पर ही अक्सर बिजली के खंभे से चिंगारी निकलती हैं। कई बार निगम को अवगत करवाया चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही। - विजय कुमार, कारोबारी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में कपड़ा बाजार की तंग गलियों का सर्वे करवाया जा रहा है। इसके बाद अनुमानित बजट तैयार किया जाएगा। बाजारों में कवर्ड सिंगल कोर एक्सएलपी आर्मर्ड केबल डाली जाएगी। पहले चरण में कामयाबी मिलेगी तो दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रथम चरण के तहत दिसंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। - सुखबीर सिंह, एक्सईएन, बिजली निगम अंबाला सिटी।