स्पेशल नंबर के आधार पर चलाई जा रही ट्रेन जल्द ही नियमित ट्रेन नंबर में परिवर्तित होकर संचालित हो जाएंगी। इससे यात्रियों को किराए में भी 10 से 30 फीसदी की छूट मिल जाएगी, लेकिन मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में सफर करने वाले जनरल और स्लीपर कोच के यात्रियों को पहले की तरह ही टिकट आरक्षित करवानी जरूरी होगी।
रेलवे बोर्ड निदेशक पैसेंजर मार्केटिंग विपुल सिंघल द्वारा जारी आदेशों के तहत उक्त जानकारी दी गई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किसी विशेष मामले में ट्रेन संचालन को लेकर बदलाव जोन से प्राप्त सूचना के आधार पर भी किया जा सकता है। इसी प्रकार यह भी हिदायत दी गई है कि स्पेशल नंबर के आधार पर चल रही ट्रेनों को नियमित करने के दौरान पहले से आरक्षित की गई टिकटों पर किसी भी प्रकार का शुल्क वापिस नहीं किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेशों की अनुपालना में रेलवे साफ्टवेयर क्रिस में बदलाव की प्रक्रिया 14 नवंबर से आरंभ हो गई है, जोकि 21 नवंबर तक रोजाना रात 11.30 बजे से सुबह 5.30 बजे तक चल रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 22 नवंबर से यह प्रक्रिया पूरी तरह से लागू हो जाएगी। सोमवार को भी दिल्ली-बठिंडा के बीच चलने वाली आरक्षित श्रेणी की इंटरसिटी का फाजिल्का रेलवे स्टेशन तक विस्तार करते हुए नियमित नंबर यानी 1 नंबर से संचालित किया गया।
दरअसल रेलवे बोर्ड ने 12 नवंबर को आदेश जारी किए थे कि स्पेशल नंबर के आधार पर चल रही सभी ट्रेनों को नियमित नंबर के आधार पर चलाया जाएगा और इसमें पुराना किराया लागू होगा। हालांकि इस दौरान नियमित ट्रेन संचालन की कोई तारीख घोषित नहीं की गई थी। इस संबंध में उत्तर रेलवे सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि एक साथ सभी ट्रेनों के संचालन में बदलाव करना मुश्किल है, जैसे-जैसे साफ्टवेयर अपडेट होता जाएगा, संबंधित जोन ट्रेनों में योजनाबद्ध तरीके से बदलाव करेगा। इसकी जानकारी पहले ही दे दी जाएगी। ट्रेन संचालन में बदलाव को लेकर भी आरक्षित टिकट यात्रियों को भी संदेश के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।