अंबाला। शहर के सद्दोपुर स्थित महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय के पास 20 मार्च 2022 को हैंड ग्रेनेड मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। करनाल में पकड़े गए चार आतंकियों में से दो इस मामले में संलिप्त पाए गए हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद करनाल एसपी ने अंबाला पुलिस से संपर्क किया है। उन्हें दोनों आतंकियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए बोल दिया गया है। ऐसे में अंबाला पुलिस अब दोनों को हैंड ग्रेनेड बरामद होने वाली जगह पर ले जाकर निशानदेही करवाएंगी।
पता लगाया जाएगा कि आखिर खाली मैदान में हैंड ग्रेनेड छोड़ने का क्या मकसद था। वो किस बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे। क्या कारण रहा कि उन्हें यह खुले में ही छोड़कर जाना पड़ा। इसके पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि करनाल पुलिस ने 5 मई को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। इनोवा कार में पकड़े गए आरोपी गुरप्रीत, भूपेंद्र सिंह, अमनदीप सिंह व परमिंदर सिंह से करीब साढ़े सात किलो आईईडी, पाकिस्तान निर्मित एक पिस्तौल मैगजीन, 31 कारतूस, छह मोबाइल फोन और 1.30 लाख रुपये बरामद हुए थे। करनाल पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 10 दिन के रिमांड पर लिया था। उसमें यह बात सामने आई है।
हिमाचल, पंजाब और चंडीगढ़ को जोड़ता है नेशनल हाईवे
ये हैंड ग्रेनेड अंबाला चंडीगढ़ हाईवे पर एमएम यूनिवर्सिटी के सामने खाली पड़े मैदान में झाड़ियों में पाए गए थे। आसपास काम कर रहे मजदूरों ने इन बमों की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस अधिकारी और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया था। छानबीन में यहां पर तीन हैंड ग्रेनेड के साथ एक आईईडी भी मिला था। बम डिफ्यूजल टीमों ने मौके पर पहुंच कर तीनों हैंड ग्रेनेड को सावधानी पूर्वक डिफ्यूज किया था। बता दें सद्दोपुर के आसपास का हाईवे अंबाला को चंडीगढ़, हिमाचल, पंजाब और जम्मू एंड कश्मीर को जोड़ता है।
पूछताछ में सामने आया है कि अंबाला में मिले हैंड ग्रेनेड मामले में दो आतंकी संलिप्त हैं। अंबाला पुलिस से संपर्क किया गया है कि वह भी आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लें। 10 दिन के पुलिस रिमांड में आरसी, एटीएम कार्ड की जांच की जाएगी। कितना पैसा आ चुका है और कैसे मिलता था, आखिर क्या साजिश थी।
गंगा राम पूनिया, एसपी करनाल