विधानसभा का घेराव करने निकली आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को पुलिस प्रशासन ने रास्ते में रोका तो
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर जाम लगा दिया। छह घंटे तक हाईवे जाम से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। इस दौरान दोनों ओर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। यातायात को दूसरे मार्गों से निकालने के लिए पुलिस प्रशासन मशक्कत करनी पड़ी, वहीं लिंक मार्गों से होकर गुजरते समय वाहनों में सवार लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स का कहना था कि तीन माह से वे अपने हकों के लिए आंदोलन कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अनदेखी की जा रही है। इस कारण उन्हें वीरवार को विधानसभा घेराव का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह तो हरियाणा विधानसभा में अपनी आवाज को बुलंद करने जा रहीं थीं, परंतु सरकार द्वारा रोक लिया गया। इस कारण उन्हें हाईवे पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। जाम लगाए बैठीं आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने कहा कि पुलिस द्वारा बरवाला के नजदीक ऑल इंडिया आंगनबाड़ी फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष को जबरदस्ती हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी रिहाई नहीं होती तब तक वे हाईवे से नहीं हटेंगी।
इस दौरान मौके पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट किन्नी गुप्ता, डीएसपी नारायणगढ़ अनिल कुमार, थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की परंतु विफल रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची एएसपी पूजा डाबला ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, परंतु आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स का दो टूक कहना था कि पहले बरवाला के नजदीक टोल प्लाजा से हिरासत में ली गईं उनके संगठन की राष्ट्रीय नेता ऊषा को रिहा किया जाए। इसके बाद लगभग चार बजे के करीब प्रशासन ने हिरासत में ली गई राष्ट्रीय नेता से बातचीत करवाई, लेकिन आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स का कहना था कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष उनके बीच नहीं पहुंचती, तब तक वे हाईवे से नहीं उठेंगी। लगभग पांच बजे ऑल इंडिया आंगनबाड़ी फेडरेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा हाईवे पर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा कि हकों के लिए और सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। लोकतंत्र में सबको अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन को विफल करने के लिए बुधवार रात सात बजे से ही सरकार ने गिरफ्तारियां शुरू कर दी थीं। दोपहर करीब 12 बजे से जगाधरी-पंचकूला नेशनल हाईवे नंबर-344 पर लगा जाम शाम को छह बजे तक चला। प्रदर्शनकारियों में भिवानी, हिसार, करनाल, सोनीपत सहित अन्य जिलों से आईं आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर्स शामिल थीं।
आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स द्वारा लगाए गए जाम को समर्थन देने पहुंचे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स की मुख्य दो मांगें हैं। इनमें पहली मांग 2018 में देश के प्रधानमंत्री द्वारा मन की बात कार्यक्रम में घोषणा की गई थी कि आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स के मानदेय में क्रमश: 1500 व 750 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भी दिसंबर 2018 में घोषणा की थी कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को कुशल श्रमिक व हेल्पर्स को अकुशल श्रमिक का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी केवल इतनी मांग है कि घोषणाओं को अमल में लाया जाए और इनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर 24 हजार रुपये का मानदेय दिया जाए।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सतीश सेठी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को न सिर्फ जबरन रोका गया, बल्कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सभी यूनियन मिलकर आंदोलन को और तेज करेंगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा ने कहा कि उनका जो हक है वह उसे लेकर ही रहेंगी। सरकार चाहे कितना भी जोर लगा ले, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पांच मार्च को उनका संगठन राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगा और 8 मार्च को महिला दिवस को एक्शन डे के रूप में मनाया जाएगा।