फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरातन विद्यार्थियों ने नए का बढ़ाया हौसला

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला सिटी। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में 1961 से लेकर 2012 तक के बैच में पढ़ाई कर चुके छात्रों ने मिलन समारोह में पहुंच कर अन्य विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। इस दौरान अच्छे पदों पर आसीन पूर्व छात्रों ने नए छात्रों को मौका देने, नए व जरूरी आविष्कार करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अगला मिलन समारोह संस्थान प्रांगण में ही करवाने का आग्रह किया। पूर्व छात्रों ने संस्थान के सभी शिक्षकों का धन्यवाद किया और पुरानी यादें ताजा की। यह मिलन समारोह आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किया गया था।
विज्ञापन

कार्यक्रम में शामिल होने हेतु लगभग 200 पूर्व छात्र और छात्राएं उपस्थित रहे। संस्थान की छात्राओं अनीता और अन्यों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केएस सैनी, हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (पूर्व छात्र सिविल इंजीनियरिंग 1988 से 91) उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आज ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वही मौज मस्ती के दिन वापस आ गए हैं। विशिष्ट अतिथि संजीव शर्मा, अतिरिक्त निदेशक, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (पूर्व छात्र 88 बैच) ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम हर पीढ़ी को एक सूत्र में पिरोने का अच्छा तरीका हैं। इस अवसर पर संस्थान के एनसीसी कैडेट्स ने विंग कमांडर कप्तान जेएस नारंग के नेतृत्व में अतिथियों को सलामी दी।
इस दौरान फ्यूजन नृत्य (प्रिया और समूह) और भांगड़ा (चेतना और समूह) ने प्रस्तुत किए। एलुमनी सदस्यों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इनमें सुधीर का गीत, प्रिंस का नृत्य इत्यादि प्रमुख रहे। मंच संचालन अदीश बिंदल और प्रीति श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के समन्वयक मुनीश गुप्ता और पुष्पेंद्र प्रताप रहे। कार्यक्रम के अंत में अदीश बिंदल ने विचार रखे। इस अवसर पर संस्थान के 1961 बैच से लेकर 2012 बैच तक के छात्र उपस्थित हुए। इससे पहले प्रधानाचार्य डॉ. राजीव सपरा ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।
विज्ञापन

वो समय वापस नहीं आएगा
इलेक्ट्रॉनिक्स एडं कंप्यूटर साइंस में डिप्लोमा पूरा किया। आज निजी कंपनी में कार्यवाहक प्रबंधक के पद पर तैनात सुखविंद्र सिंह ने कहा कि यह तो सच है जो कॉलेज के पल बीत गए वह वापस नहीं आएंगे।
काबिलियत का पता चलता है
जीरकपुर में अपना काम संभाल रहे शिव कुमार इसी संस्थान से पढ़े हुए हैं। उनका कहना है कि संस्थान में सभी एक समान होते हैं, परंतु संस्थान के बाहर जाकर मनुष्य को अपनी असली काबिलियत का पता चलता है।
लक्ष्य निर्धारित कर चलें छात्र
भाखड़ा व्यास प्रोजेक्ट में चंडीगढ़ में कार्यरत प्रदीप ने बताया कि उनके संस्थान में बिताए गए पल जिंदगी के बेहतरीन पलों में से एक हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे लक्ष्य निर्धारित करके चलें और सफल बनें।
सही राह चुनने से हुए सफल
नरेंद्र सिंह सीएसआईओ में कार्यरत हैं। वे प्रशिक्षण संस्थान के कार्यवाहक प्राचार्य भी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बड़े पद पर पहुंचने का लक्ष्य रखा था, उसी रास्ते पर चलते हुए वह आज सफल हो सके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें