अंबाला। रेलवे अस्पताल के वार्ड में अब ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत नहीं होगी। मरीज के बेड तक पाइप लाइन के जरिये प्राणवायु पहुंचेगी। आक्सीजन सुविधा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस सुविधा के लिए उत्तर रेलवे के मंडल अस्पताल छावनी में लगभग 38 लाख रुपये की लागत से 250 लीटर प्रति मिनट एलपीएम ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट को स्थापित किया गया है।
समारोह में एम्स ऋषिकेश से वेब लिंक के माध्यम से सभी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। रेलवे अस्पतालों में ऑक्सीजन से संबंधित बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, ऑक्सीजन के लिए बाहरी निर्भरता को कम करने और ऑक्सीजन की उपलब्धता में आत्मनिर्भर बनने के लिए ही मंडल अस्पताल में 250 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन प्रदान करने वाला प्लांट लगाया गया है। इस दौरान समारोह में गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला मंडल, कर्ण सिंह एडीआरएम, इंफ्रा, रवि कुमार गुप्ता एडीआरएम, ओपी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र मोहन शर्मा, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लथारामलिंगम और मंडल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी में उपस्थित रहे।
14 हजार कर्मचारियों व परिजनों को राहत
मौजूदा समय में मंडल में लगभग 14 हजार कर्मचारी अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी कर रहे हैं। इनके परिजन भी रेलवे कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं। सभी उपचार के लिए रेलवे अस्पताल आते हैं। ऑक्सीजन प्लांट लगने से रेलव कर्मचारियों व उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी, वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी व उनके परिजन भी इसका फायदा उठा सकेंगे।
पाइप लाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति 50 से अधिक बेड तक पहुंचेगी। इसके अलावा इमरजेंसी, आईसीयू, सीसीयू आदि में निर्बाध रूप से ऑक्सीजन के साथ एयर व वैक्यूम की सुविधा भी होगी। गंभीर रूप से बीमार, सांस, दमा के रोगियों के लिए यह सुविधा कारगर साबित होगी।
-गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक।