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गन्ने की लंबित पेमेंट को लेकर एसडीएम से नहीं मिला आश्वासन, किसानों ने चेताया 14 फरवरी से देंगे धरना

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महापंचायत में किसानों को संबोधित करते किसान नेता। - फोटो : Ambala
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नारायणगढ़/ शहजादपुर। नारायणगढ़ चीनी मिल बणौंदी में गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर गन्ना उत्पादक किसानों द्वारा बनाई गई 21 सदस्यीय कमेटी के आह्वान पर सोमवार को मिल गेट पर सैकड़ों किसानों ने एक किसान पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में पहुंचे एसडीएम द्वारा बकाया भुगतान के बारे किसी भी तरह का आश्वासन न दिए जाने से खफा किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक सप्ताह में उनकी गन्ने के बकाया भुगतान का समाधान नहीं हुआ तो 14 फरवरी से एसडीएम कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
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पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर 21 सदस्यीय कमेटी के आह्वान पर नारायणगढ़ चीनी मिल बणौंदी के गेट पर सैकड़ों किसानों ने इकट्ठा होकर किसान पंचायत का आयोजन किया। इसमें अपना समर्थन देते हुए अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंचे। किसानों का कहना था कि मिल को चले लगभग दो महीने से भी अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक मिल द्वारा केवल लगभग 15 दिन का भुगतान किसानों को दिया गया है। किसानों ने कहा कि मिल द्वारा गन्ने का भुगतान न किए जाने के कारण किसान जहां कर्जे में डूबता जा रहा है,वहीं किसानों के बिजली के बिल भी नहीं जमा हो पा रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा उनके बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही नहीं भुगतान न मिलने के कारण किसान अपने बच्चों की स्कूल फीस तक नहीं जमा करवा पा रहे हैं।
किसान पंचायत में पहुंचे एसडीएम नारायणगढ़ नीरज से किसानों ने बातचीत करते हुए कहा कि उनकी गन्ने का बकाया भुगतान कराया जाएगा। किसानों ने एसडीएम से पूछा कि गन्ने का बकाया भुगतान कब होगा तो एसडीएम ने कहा कि गन्ने का बकाया भुगतान कब तक होगा, इस बारे एसडीएम कोई आश्वासन नहीं दे सकते हैं। इस पर किसान आक्रोशित हो गए। किसानों द्वारा बनाई गई 21 सदस्यीय कमेटी ने आपसी बातचीत के बाद निर्णय लेते हुए प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी कि अगर 13 फरवरी तक गन्ने का बकाया भुगतान का समाधान नहीं होता तो 14 फरवरी से एसडीएम कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। 21 सदस्यीय कमेटी के निर्णय को जहां सभी किसानों ने समर्थन दिया, वहीं पंचायत में मौजूद अन्य किसान संगठनों ने भी उक्त निर्णय का समर्थन किया।
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