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मानव तस्करी की सूचना पर पांचवीं बार खंगाली कर्मभूमि एक्सप्रेस, 13 नाबालिग किए रेस्क्यू, सरगना गिरफ्तार

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Karmabhoomi Express searched for the fifth time on information of human trafficking, 13 minors rescued, gangster arrested - फोटो : Ambala
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अंबाला। कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में मानव तस्करी की सूचना पर हुई छापामारी के दौरान एक सरगना की गिरफ्तारी के साथ 13 नाबालिग रेस्क्यू किए गए। इस मामले की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद गुरुवार को पांचवीं बार न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से अंबाला पहुंची कर्मभूमि एक्सप्रेस को खंगाला गया। लगभग 30 कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने कोच नंबर डी-3, डी-4 और डी-5 में जांच की और 15 बच्चों को रेस्क्यू किया। इनमें से 2 बालिग मिले, जिन्हें दस्तावेज देखने के बाद छोड़ दिया गया, वहीं टीम ने कार्रवाई के दौरान एक सरगना को भी गिरफ्तार किया है। सरगना की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी अशरफ के तौर पर हुई है। सरगना को आगामी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया है।
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बचपन बचाओ आंदोलन से जुड़े सदस्य यादविंदर सिंह ने बताया कि वीरवार की सुबह सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 02407 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर कर्मभूमि एक्सप्रेस के 3 कोच में 15 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के तहत पंजाब ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद मामले की जानकारी आरपीएफ, जीआरपी, क्राइम ब्रांच, जिला बाल संरक्षण सहित रेलवे चाइल्ड टीम को दी गई। ट्रेन में जांच के लिए सभी विभागों के तालमेल से संयुक्त टीम का गठन किया गया। ट्रेन 20 मिनट की देरी यानी 1.38 बजे जैसे ही प्लेटफार्म 6 पर पहुंची तो ट्रेन के तीन कोच को बारीकी से खंगाला गया। डी-3 कोच में बैठे 13 बच्चों को रेस्क्यू कर ट्रेन से नीचे उतारा गया। इस दौरान आरपीएफ पोस्ट प्रभारी आरएस हुड्डा, एसआई नमो नारायण मीना, एसआई कविता, एसआई अभिषेक बिजारणिया आदि भी मौजूद रहे।
आलू फैक्टरी में जा रहे थे काम करने
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 13 बच्चों में से 9 पश्चिम बंगाल के हैं और 4 बिहार के हैं। प्राथमिक काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि उन्हें अशरफ नामक व्यक्ति फगवाड़ा ले जा रहा था, वहां उन्हें एक आलू की फैक्टरी में काम करना था। इसके लिए अशरफ ने उनके परिजनों से बातचीत की थी और कुछ काम दिलाने के लिए परिजनों से 2 हजार रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे।
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पहले भी मिले थे 20 बच्चे
मानव तस्करी की सूचना पर अगस्त और सितंबर माह में भी चार बार कर्मभूमि एक्सप्रेस में छापामारी की गई थी और लगभग 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। सभी बच्चों को काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों के हवाले कर दिया था, वहीं जीआरपी ने 11 बच्चों के मामले में जीरो एफआईआर काटकर आगामी कार्रवाई के लिए बिहार जीआरपी को भेज दी थी।
कर्मभूमि एक्सप्रेस से 15 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। इसमें 13 बच्चे नाबालिग मिले हैं। एक व्यक्ति को भी बच्चों के साथ गिरफ्तार किया गया है जो 9 बच्चों के साथ सफर कर रहा था। बच्चों को अभी ओपन शेल्टर होम में रखा गया है, वहीं पकड़े गए व्यक्ति के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश विभागीय कर्मचारियों को दिए गए हैं।
-रंजीता, चेयरपर्सन, सीडब्ल्यूसी।
डीडीआर दर्ज
कर्मभूमि एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए 13 बच्चों के संबंध में डीडीआर दर्ज की गई है। एक अन्य व्यक्ति के संबंध में अभी जानकारी नहीं है। अगर सीडब्ल्यूसी की तरफ से कोई जानकारी दी जाएगी तो आगामी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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-विलायती राम, प्रभारी, जीआरपी छावनी।
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