हरियाणा के अंबाला में गैस सिलिंडर फटने से अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन की साइड लाइन पर खड़े रेलवे कोच में आग लग गई। सूचना मिलते ही फायरबिग्रेड की तीन गाड़ियां, जीआरपी और आरपीएफ सहित रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इस दौरान कोच में रखा सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गया। कोच से तीन सिलिंडर थे, जिसमें से दो सिलिंडर और कुछ बर्तन जब्त किए हैं, जोकि हादसे से पहले कोच में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे। वहीं यह भी सामने आया है कि तीसरे सिलिंडर में गैस लीकेज के कारण धमाका हुआ था, जोकि आग लगने का मुख्य कारण बना।
बताया जाता है कि तीसरे सिलिंडर में लगी पाइप पुराने थे और इसी में से गैस लीकेज होने की बात सामने आ रही है। गनीमत रही कि हादसे से पहले ही खाना बना रहे कर्मचारी कोच से बाहर आ गए थे और इसके आसपास कोई दूसरी ट्रेन नहीं थी, अन्यथा हादसा काफी भयावह हो सकता था और लोगों के जान-माल की क्षति भी हो सकती थी।
प्राप्त जानकारी अनुसार कोच का इस्तेमाल रेलवे के टीआरडी विभाग द्वारा किया जा रहा था जोकि रेलवे में हाईटेंशन केबल के रखरखाव का कार्य करती है। इनके श्रमिकों को ही कोच में ठहरने की सुविधा प्रदान की थी।
कैंपिंग कोच में किया था तब्दील
रेलवे ने पुराने कोचों को जहां रेस्त्रां में तब्दील किया जा रहा है। वहीं, कुछ कोचों को कर्मचारियों के विश्राम के लिए भी बनाया गया है जोकि रेलवे लाइनों से जुड़े कार्याें को करते हैं। ऐसे कोच को रेलवे स्टेशन की उस लाइन पर खड़ा कर दिया जाता है जोकि कि बहुत कम इस्तेमाल होती है या फिर कंडम कोच ही इन लाइनों पर खड़े किए जाते हैं।
पांच साल पहले हुई थी घटना
ऐसी ही आगजनी की एक घटना 27 अक्टूबर 2019 को अंबाला रेल यार्ड में हुई थी। इस दौरान बठिंडा-अंबाला गाड़ी के जनरल कोच में आग लग गई थी और यह कोच भी पूरी तरह से जल गया था। कोच के जलने से रेलवे को करीब चार से पांच लाख रुपये की चपत लगी थी। वहीं मामले में गठित चार सदस्यीय कमेटी ने आगजनी का कारण शॉर्ट सर्किट बताया था।
अंबाला सिटी रेलवे स्टेशन के पास साइड लाइन पर एक पुराना कोच खड़ा था जोकि रेलवे से जुड़े कार्य में लगे श्रमिकों की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा था। हालांकि यह एक बड़ी लापरवाही का मामला है। इसलिए पांच सदस्यीय कमेटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम, अंबाला।