फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरु चरणों में शीश नवा सरबत दे भले की अरदास की

विज्ञापन
विज्ञापन
सतगुरु नानक प्रगट्या मिटी धुंध जग चानन होया, गुरु नानक की वडियाई, जित्थे बाबा पैर धरे इलाहीबाणी के जाप से एसजीपीसी सहित ट्वीनसिटी के गुरुद्वारों का माहौल भक्तिमय हो गया। यह मौका था पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव का। संगत ने गुरु चरणों में शीश नवाकर सरबत के भले की अरदास की।
विज्ञापन

शुक्रवार सुबह श्री अखंड पाठ साहिब संपन्न किए गए। तत्पश्चात सभी गुरुद्वारों में विशेष कथा-कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। समागम में पंथ प्रसिद्ध कीर्तन जत्थों व कथा वाचकों ने श्री गुरु नानक देव जी की वाणी पर आधारित शब्दों का उच्चारण किया और इसके महत्व को संगत के साथ साझा किया। प्रकाश उत्सव के संबंध में गुरुद्वारा परिसर को रंग-बिरंगी लड़ियों से सुसज्जित किया गया। छावनी के सबसे प्रमुख गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंह सभा गोबिंद नगर में गुरु महाराज की पालकी साहिब को फूलों से सुशोभित किया गया। संगत तड़के ही गुरुद्वारों में पूजा अर्चना के लिए पहुंच गई।
केंद्रीय गुरुद्वारा गुरुपर्व कमेटी प्रधान सुदर्शन सिंह सहगल ने बताया कि प्रकाश उत्सव को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे, ताकि समागम में आने वाली संगत को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संगत के लिए दाल, सब्जी व खीर सहित विशेष पकवान तैयार किए गए। दूसरी ओर संगत ने भी सुख-शांति की कामना करते हुए गुरु चरणों में फल, मिष्ठान प्रसाद व अन्य सामान अर्पित किया। समागम के दौरान संगत ने पूरी निष्ठा व लग्न के साथ गुरबाणी का गायन किया। कीर्तनी जत्थों ने भी प्रत्येक शब्द का बड़े ही सुंदर ढंग से अर्थ बताया कि किस प्रकार श्री गुरु नानक देव जी ने आमजन मानस के दुख-दर्द दूर किए व सामाजिक कुरीतियों का खात्मा किया। प्रकाश उत्सव के संबंध में रात के समय भी कुछ गुरुद्वारों में कीर्तन समागम हुए। इस मौके परं संगत ने खुशी जाहिर करते हुए दीपमाला, ताकि उनके जीवन में गुरु जी के आशीर्वाद से अंधेरा खत्म हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें