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छह घंटे ट्रैक पर बैठे किसान, यात्री रहे परेशान

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शाहपुर फाटक स्थित रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान। - फोटो : Ambala
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किसान आंदोलन की वजह से सोमवार सुबह उत्तर रेलवे की 74 ट्रेनों के पहिए थम गए। वहीं छावनी जंक्शन से निकलने वाली 27 ट्रेनें भी प्रभावित हुई। रेलवे ने सुरक्षा कारणों से 6 ट्रेनों को पूर्णतौर पर रद कर दिया। वहीं 8 ट्रेनों को बीच रास्ते रद और 13 ट्रेनों को देरी से रवाना किया।
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ट्रेन परिचालन बाधित होने से स्टेशन व बस अड्डे पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। इस दौरान रोडवेज ने सहारनपुर और लुधियाना के लिए 10 अतिरिक्त बसों का संचालन किया। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ व जीआरपी द्वार पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। स्टेशन पर फायर ब्रिगेड का भी बंदोबस्त किया गया था।
किसान अंबाला-दिल्ली रेल मार्ग पर शाहपुर फाटक नंबर 102सी पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बैठे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ और लखीमपुर में हुए नरसंहार को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से रोष प्रदर्शन किया। वहीं किसानों ने फाटक को बाधित नहीं किया। इस दौरान ग्रामीण व अन्य वाहन चालक बिना किसी परेशानी के आवागमन करते रहे।
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सोमवार सुबह लगभग 10 बजे किसान आंदोलन शुरू होते ही ट्रेनों के पहिए थम गए। जो ट्रेन जिस रूट पर थी, उसे नजदीक के स्टेशन पर रोक दिया गया। छावनी स्टेशन पर भी कालका शताब्दी सहित 2 लंबी दूरी की ट्रेनें 6 घंटे तक फंसी रही। ट्रेन नंबर 04667 नई दिल्ली-अमृतसर सुबह 9.57 बजे छावनी जंक्शन के प्लेटफार्म 7 पर पहुंच गई थी।
इसी प्रकार ट्रेन नंबर 2011 नई दिल्ली-कालका चंडीगढ़ शताब्दी सुबह 10.08 पर प्लेटफार्म 1 पर और ट्रेन नंबर 02358 अमृतसर-कोलकाता सुबह 10.20 बजे प्लेटफार्म 2 पर पहुंची। इसमें कालका शताब्दी को खाली कराने के बाद यार्ड में खड़ा किया गया। दो अन्य ट्रेनें शाम 4 बजे तक स्टेशन पर ही खड़ी रही। शाम 4 बजे के बाद दिल्ली, लुधियाना और सहारनपुर की तरफ रेल इंजन को भेजा गया। ट्रैक क्लीयर होने के बाद ट्रेनों का संचालन किया गया।
पूर्णतौर पर रद
ट्रेन नंबर 04532 अंबाला-सहारनपुर, 04570 कालका-अंबाला, 04569 अंबाला-कालका, 02046 चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी, 02045 नई दिल्ली-चडीगढ़ शताब्दी व ट्रेन नंबर 04731 बीकानेर-हरिद्वार को पूर्णतौर पर रद्द रखा गया।
बीच रास्ते रद
ट्रेन नंबर 04523 सहारनपुर-नंगलडैम को सहारनुपर और अंबाला के बीच रद्द रखा गया। ट्रेन नंबर 02011 नई दिल्ली-कालका शताब्दी को अंबाला स्टेशन पर, 04525 अंबाला-श्रीगंगानगर को बठिंडा स्टेशन पर, 04501 सहारनपुर-ऊना हिमाचल को मोरिंडा स्टेशन पर, 04736 अंबाला-श्रीगंगानगर को बरनाला स्टेशन पर रद्द रखा गया। वहीं ट्रेन नंबर 04526 श्रीगंगानगर-अंबाला को बठिंडा स्टेशन से, 04502 ऊना हिमाचल-सहारनपुर को मोरिंडा स्टेशन से और ट्रेन नंबर 04735 श्रीगंगानगर-अंबाला को बरनाला स्टेशन से रवाना किया गया।
देरी से चलने वाली ट्रेनें
ट्रेन नंबर 22440 श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा-नई दिल्ली दोपहर 3 बजे की जगह रात 8.30 बजे रवाना हुई। ट्रेन नंबर 04650 अमृतसर-जयनगर दोपहर 1.05 की बजाय शाम 4.15 बजे, 04692 अमृतसर-नांदेड़ एक्सप्रेस दोपहर 2.30 की जगह शाम को 4.50 बजे, 00468 अमृतसर-हावड़ा पार्सल स्पेशल ट्रेन दोपहर 1.25 की जगह शाम 4.30 बजे, 04068 अमृतसर-नई दिल्ली दोपहर 3.10 बजे की जगह रात 9.55 बजे, 02030 अमृतसर-नई दिल्ली शताब्दी शाम 4.50 की जगह रात 9.10 बजे, 05532 अमृतसर-सहरसा शाम 5.45 बजे की जगह रात को 8.20 बजे, 03308 फिरोजपुर-धनबाद शाम 4.15 बजे की जगह 7.30 बजे रवाना हुई। ट्रेन नंबर 02057 नई दिल्ली-नंगलडैम को 3.45 घंटे की देरी से, 04507 दिल्ली-फाजिल्का को 3.55 घंटे, 04521 दिल्ली-अंबाला को 6.40 घंटे, 04665 नई दिल्ली-अमृतसर को 7 घंटे, 04681 नई दिल्ली-जालंधर को 8.30 घंटे की देरी से गंतव्य की तरफ रवाना किया गया।
लुधियाना और सहारनपुर की तरफ चली अतिरिक्त बसें
रेल ट्रैक बाधित होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। छावनी स्टेशन पहुंची ट्रेनों में प्रवासी श्रमिक सफर कर रहे थे। ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही सभी श्रमिक बस अड्डे पर आ गए और बसों के माध्यम से गंतव्य की तरफ रवाना हुए। रेल ट्रैक बाधित होने की वजह से सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक अड्डे पर काफी भीड़ रही। इस दौरान लुधियाना और सहारनपुर की तरफ जाने वाले यात्री अड्डे पर आए। उनकी परेशानी को देखते हुए दोनों मार्गों पर 10 अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया। वहीं कुछ बसों को रिजर्व के तौर पर अड्डे पर ही खड़ा किया गया था। किसान आंदोलन की वजह से बस परिचालन बाधित नहीं हुआ। रोजाना की तरह छावनी बस अड्डे से लगभग एक हजार से अधिक बसों का आवागमन हुआ।
-अजीत सिंह, अड्डा अधीक्षक
नहीं हो रही निष्पक्ष कार्रवाई
गृह राज्यमंत्री के पद पर आसीन बैठा नेता जब तक पदमुक्त नहीं होगा, तब तक आरोपी बेटे के खिलाफ सही और निष्पक्ष जांच होना नामुमकिन है। इससे मृत किसानों व उनके परिजनों को न्याय नहीं मिलेगा। इसलिए हमारा यह संघर्ष भी जारी रहेगा।
-मलकीत सिंह, किसान नेता।

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी शताब्दी एक्सप्रेस।- फोटो : Ambala

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर परेशान होते यात्री ।- फोटो : Ambala

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन परिसर में खड़े यात्री परेशान होते हुए।- फोटो : Ambala

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी।- फोटो : Ambala

अंबाला छवनी बस अड्डे पर पहुंचे यात्री।- फोटो : Ambala

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