हैरानी की बात यह है कि सभी बिलों में दी रुपयों की राशि विभिन्न प्रकार से दी जा रही है। कई बार आठ लाख, 10 लाख और 12 लाख तक बिल उनको भेजा है। बिल की भारी भरकम राशि को देखकर बीते एक वर्ष से ही बिजली निगम अधिकारियों के चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं, लेकिन बिजली बिल की राशि का कोई स्थाई समाधान नहीं किया। वर्तमान स्थिति की बात की जाए तो मार्च महीने में बिजली निगम की ओर से पांच लाख 90 हजार 276 रुपये का बिजली बिल उन्हें दिया गया है।
हर बार बिजली बिल में विभिन्न प्रकार से राशि का विवरण किया जा रहा है। शिकायतकर्ता कृष्णा देवी की मानें तो उनके घर में मात्र दो पंखे व तीन लाइटें की लगी हुई है, परंतु बिजली विभाग की ओर से दिया लाखों का यह बिल कैसे आ रहा है। इसके बारे में कोई भी अधिकारी समाधान करने को तैयार नहीं हैं। बिजली निगम की ओर से दिए इस लाखों के बिजली बिल से वह काफी परेशान है। मंगलवार को शिकायत सुनने के बाद मौजूदा अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस बिजली बिल की जांच कराकर शिकायत का निपटारा कर दिया जाएगा।
इस समस्या पर विभागीय सीए सूरज कुमार ने कहा कि इस समस्या का समाधान एक-दो दिन में करवा दिया जाएगा, वहीं उन्होंने शिकायतकर्ता को आश्वासन करते हुए कहा कि यह समस्या बिजली विभाग की ओर से नहीं हुई है। यह समस्या परिवार पहचान पत्र का आवेदन किए जाने के दौरान कहीं ने कहीं कुछ गलती हुई है। जिस वजह से इस प्रकार की समस्या सामने आ रही है। इस पर तुरंत प्रभाव से संज्ञान लिया जाएगा व समस्या का समाधान करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
अंबाला सिटी के चौक दर्जियां वाला कॉलोनी में रहने वाले अश्वनी कुमार ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में बिजली विभाग की ओर से उनके दो वर्षीय बच्चे कुनाल और उनकी पत्नी अनुबाला के नाम पर नौ-नौ हजार बिजली बिल होने का विवरण दिया है, जबकि उनका बिजली बिल करीब 500 और 700 के आसपास ही रहता है।
पत्नी और दो वर्षीय बच्चे के नाम पर नौ हजार बिजली बिल का विवरण होने के बाद उनका राशन कार्ड कट चुका है। इसी प्रकार अन्य जरूरी दस्तावेजों में भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मौजूदा बिजली विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवार पहचान पत्र में दिए गए बिजली बिल विवरण को तुरंत प्रभाव से हटाया जाए।