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अप्रैल में जून सी गर्मी के कारण मुरझाया फूलों का कारोबार, हर 10 मिनट बाद देना पड़ रहा पानी

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फूल विक्रेता शंकर जानकारी देता हुआ - फोटो : Ambala
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अंबाला। गर्मी के तल्ख तेवर का असर फूलों के कारोबार भी पड़ने लगा है। फूल मुरझा रहे हैं और उनके रहनुमाओं के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। दूसरी ओर लगातार बढ़ रही तपिश की वजह से इस वक्त फूलों की खेती भी घाटे का सौदा साबित हो रही है। फूलों के उत्पादन में कमी आई है और उनके दामों में एकाएक उछाल।
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उधर, स्थिति यह है कि जो तापमान मई और जून में रहता था, वो तापमान अप्रैल माह में ही पहुंच गया है, जिस वजह से फूल मुरझाने लगे हैं। इसका असर यह है कि बाजारों में फूलों की कमी बनी हुई है और फूलों के रेट भी बढ़ गए हैं। अंबाला में फूलों की खेती करने वाले कई किसान हैं, जिन्हें करीब पौने दो सौ साल पहले अंग्रेजों ने अंबाला छावनी स्थापित करते समय विशेष तौर पर फूलों की खेती करने के लिए ही उत्तरप्रदेश से अंबाला में लाकर बसाया था मगर इस वक्त फूलों के यह रहनुमा संकट में हैं।
फूल कारोबारी शंकर के अनुसार स्थानीय फूलों के साथ-साथ अंबाला में यूपी, बैंगलोर, कोलकाता व हिमाचल प्रदेश से फूल आते हैं। उनका कहना है कि मौजूदा मौसम फूलों की खेती के अनुरूप नहीं हैं। मौसम का विपरीत असर फूलों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। फूल जल्दी सूख रहे हैं। यदि उन्हें एसी में रखा जाए तो खर्च बढ़ जाता है। बाहर डिस्पले में रखे फूलों पर हर 10 से 15 मिनट बाद पानी की बौछार करनी पड़ रही है। फूलों को बेचने तक उन्हें मुरझाने से बचाना इस वक्त बड़ी चुनौती बना हुआ है। उनके अनुसार फूलों का दाम भी बढ़ गए हैं।
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फूल मालाओं के रेट (प्रति 100 पीस रुपये में)
फूल पहले अब
गेंदा 1500 3000
गुलाब 2000 4000
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इनके रेट भी बढ़े
- चेमली की माला 25 रुपये से 30 रुपये तक बिक रही है।
- रेड रोज की एक स्टीक पहले 20 और अब 30 रुपये
- कारनेेशन की एक स्टीक पहले 20 और अब 30 रुपये
- लिली फ्लावर पहले 70 रुपये और अब 150
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