अंबाला सिटी। नगर निगम में काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन, शहर में चल रहे विकास कार्य और ठेकेदारों की पेमेंट पर लेटलतीफी की तलवार लटक सकती है, क्योंकि 28 मार्च को बजट पास करने के लिए हुई बैठक में कोई निर्णय नहीं हुआ था। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों की ओर से बजट पास करने को लेकर विशेष बैठक बुलाने को लेकर भी चर्चा हुई। परंतु उसपर कोई सहमति नहीं बनी और अब करीब 118.41 करोड़ का बजट सदन की मुहर के इंतजार में लटका पड़ा है।
उधर, बजट पास न होने के कारण पार्षदों में रोष व्याप्त है। पार्षदों का कहना है कि बजट पास न होने की वजह से जहां एक ओर विकास कार्य ठप हो जाएंगे, वहीं निगम को चलाने के लिए अन्य कई तरह की वित्तीय परेशानियां भी पेश आएंगी। पार्षदों ने जल्द से जल्द सभी रुकावटों को दूर करते हुए बजट बैठक बुलाकर निगम के बजट को पास करवाने की मांग की है।
इसलिए ठप हुई थी बैठक
28 मार्च को हुई नगर निगम की बैठक राजनीति की भेंट चढ़ गई थी। वार्ड नंबर 14 की पार्षद रूबी सौदा पिछली तीन बैठकों में अनुपस्थित रही थी। इसी कारण कुछ पार्षदों ने उनकी पार्षद सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए मंडलायुक्त को शिकायत दी थी, परंतु मंडलायुक्त की ओर से बैठक तक कोई निर्णय नहीं दिया गया था और न ही अभी तक रूबी सौदा को लेकर मंडलायुक्त ने कोई निर्णय दिया है। इसी से खफा मेयर और पार्षद बैठक बुलाने के पक्ष में नहीं थे।
अब बजट को रिवाइज करने की प्लानिंग
अब बजट को रिवाइज कर उसे बढ़ाने पर भी निगम के अधिकारी चर्चा कर रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोबारा से बजट का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। जिसे आगे भेजा जाएगा और अगर सदन की बैठक होती है तो उसमें इस बजट को रखा जाएगा। इसमें कुछ नई चीजों को जोड़ा जाएगा इससे कि ज्यादा बजट के साथ ज्यादा कार्य करवाएं जा सकें।
यह है प्रस्तावित बजट
मद बजट (करोड़ में)
कर्मचारियों का वेतन-- 54.20
विकास कार्य-- 18.20
गोशाला के लिए-- 1
डेयरी कांप्लेक्स -- 2
शौचालय निर्माण - 1 करोड़
शहर का सुंदरीकरण -- 1 करोड़
पाकों की मेनटेनेंस -- 1.50 करोड़
श्मशान घाट का जीर्णोद्धार - 1 करोड़
गलियों की मरम्मत -- 3 करोड़
सड़कों के गड्ढों के लिए-- 3 करोड़
नालों की सफाई-- 2 करोड़
कार्यालय रिपेयर -- 1 करोड़
बजट पास होना बहुत जरूरी है, अगर हम नियमों की बात करें तो उसके अनुसार 31 मार्च तक हर हाल में यूएलबी के पास बजट पहुंच जाना चाहिए था, तभी बजट पास होता। परंतु अभी तक यूएलबी में बजट भेजा ही नहीं गया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि आखिर प्रशासनिक अधिकारी क्या चाह रहे हैं।
- मिथुन वर्मा, पार्षद।
नए सत्र के 20 दिन गुजर चुके हैं, परंतु बजट पास नहीं हुआ है। हम तो मंडलायुक्त से कह रहे है पार्षद रूबी सौदा को लेकर निर्णय दें और स्थिति स्पष्ट करें। इससे कि आगामी कार्रवाई हो। वहीं प्रशासन को भी इस ओर कुछ निर्णय लेते हुए बजट पास करवाना चाहिए, इससे कि आगामी रणनीति बनाई जा सके।
- राजेश मेहता, पार्षद
निगम को बजट को लेकर हमारी ओर से उच्च अधिकारियों के साथ बात चल रही है और हमने यहां की स्थिति के बारे में अवगत करवा दिया है। जल्द ही बजट पास करने को लेकर कोई न कोई निर्णय जरूर आएगा।
- जरनैल सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर निगम, अंबाला।
फोटो नंबर 6
बजट तो बैठक में ही पास होगा और बैठक को लेकर कोई नोटिफिकेशन मेरे पास नहीं आया है। मैने मंडलायुक्त, आयुक्त व अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखते हुए पार्षद रूबी सौदा को लेकर निर्णय देने की मांग की है, ताकि बैठक कर बजट को पास करने की कार्रवाई की जा सके।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम, अंबाला।