अंबाला। गांव दुखेड़ी के ग्रामीणों ने मंगलवार को अघोषित बिजली कटों को लेकर जमकर रोष जताया। इतना ही नहीं दुखेड़ी पॉवर हाऊस पर पहुंचकर नारेबाजी की और मुख्य गेट पर ताला भी जड़ दिया। किसानों का कहना था कि बिजली के लंबे-लंबे कटों को लेकर वे बेहद परेशान है। पूरा काम प्रभावित हो रहा है।
बिजली निगम की ओर से कोई सूचना नहीं दी जाती कि कब बिजली का कट लगेगा। गेहूं कटाई के लिए खेतों में पानी की जरूरत है और ऊपर से लाइट ही नहीं आती। किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बिजली निगम अधिकारियों की अनदेखी के कारण ही हालात बिगड़ रहे हैं। शिकायत करने के लिए जाते हैं तो कोई सुनवाई नहीं होती। ऐसे में दुखेड़ी बिजली निगम के अधिकारियों ने ग्रामीणों को कट लगाने से पहले जानकारी देने व जल्द ही उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
बिजली कट : कारोबारियों ने जताया रोष
अंबाला। बिजली कटों का असर अब इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। इससे त्रस्त कारोबारियों ने इंडस्ट्रियल एरिया में एकत्रित होेकर रोष जाहिर किया। उनका कहना है कि यह कट बिना किसी पूर्व सूचना के लगाए जा रहे हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
उनके अनुसार ये अघोषित कट केवल इंडस्ट्रियल एरिया में ज्यादा लग रहे हैं जबकि दूसरी कॉलोनियों में घंटों तक बिजली चालू रहती है। कारोबारी डीसी गुप्ता सहित अन्य कारोबारियों ने बताया कि दूसरे फीडरों पर बिजली आने के कारण कुछ इकाइयों ने दिन भर अपना काम सुचारू रखा। इससे ऐसा लगता है कि बिजली सप्लाई में भेदभाव किया जा रहा है। इंडस्ट्री की मांग है कि सभी जगह एक समान कट लगे और पहले से समय निर्धारित होना चाहिए। वे लोग बिजली न होने की वजह से अपने आर्डर समय पर पूरे नहीं कर पा रहे हैं। पहले कोविड काल में उनके उद्योगों पर मार पड़ी। अब जब कामकाज पटरी पर लौट रहा है तो बिजली के कट उद्योगों को प्रभावित कर रहे हैं। सरकार जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे और उद्योगों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध करवाए।