जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी जिले में 15 नए डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 366 पहुंच गई है। दूसरी ओर अस्पताल में बेड को लेकर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जीटी बेल्ट के जिलों में सबसे अधिक डेंगू के मरीज अंबाला में मिल रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों को बेड की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। राहत की बात है कि छावनी नागरिक अस्पताल से सोमवार को सुधार के बाद 16 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। इसके बावजूद अभी बेड की मारामारी खत्म नहीं हुई है। यहां हालात यह है कि अभी मरीजों को स्ट्रेचर पर ही उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग उम्मीद जता रहा है कि आने वाले समय में मरीजों की स्थिति में जल्द ही सुधार होगा।
प्रभारियों की छुट्टियां रद्द
स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्वास्थ्य संस्थाओं के सभी प्रभारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। डेंगू के लगातार बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह आदेश जारी किए हैं। अब विभाग के अधिकारी 5 और 7 नवंबर को होने वाली छुट्टी के दिन भी कार्य करेंगे और डेंगू की स्थिति पर नजर रखेंगे।
-----------------------
यह रही मरीजों की स्थिति
तलरेहड़ी से आए परमजीत ने बताया कि उन्हें पिछले आठ दिनों से बुखार है। जब स्थिति नहीं संभली तो अस्पताल पहुंचा। जैसे ही अस्पताल में एंट्री की तो पता चला कि यहां पर बेड ही उपलब्ध नहीं है। इस कारण स्ट्रेचर पर लिटा दिया और उसी पर उपचार दिया जा रहा है।
---------------------
बीडी फ्लोर मिल के पीछे लक्की विहार से आई रामरती ने बताया कि उसे पिछले कई दिनों से बुखार है। जब अस्पताल पहुंची तो बेड ही नहीं मिला, इस कारण स्ट्रेचर पर उपचार चल रहा है। उन्होंने बेड की मांग की है, जिससे कि सही से उपचार करवा सके।
------------------
महुआखेड़ी से आए प्रवेश ने बताया कि उसे 29 अक्तूबर से बुखार है। जब प्लेट्लेट्स की जांच की गई तो उसमें प्लेट्लेट्स कम आए हैं। डॉक्टर स्ट्रेचर पर उपचार दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें बेड ही उपलब्ध नहीं हो सका है।
महमूदपुर से आए अनिल ने बताया कि उसे पिछले पांच दिन से बुखार है और पिछले तीन दिन से अस्पताल में उपचाराधीन हैं। शुरुआत में काफी दिक्कत आई थी, मगर अब स्थिति संभली हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही ठीक हो जाएगा।
--------------------
हमने डॉक्टरों को आदेश दिए थे कि वह उन मरीजों को डिस्चार्ज कर दें, जिनकी स्थिति घर पर सुधर सकती है ताकि अस्पताल में अफरातफरी न मचे, बाकी मरीजों को सही से उपचार दिया जा रहा है।
--कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।
--------------------