अंबाला सिटी। एनडीए परीक्षा में अब केवल पुरुष युवा ही नहीं बल्कि युवतियां भी भाग ले सकेंगी। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर छात्राओं में भी काफी उत्साह है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के इस अहम फैसले का स्वागत किया है।
छात्राओं का कहना है कि वैसे तो लड़कों और लड़कियों को समान माना जाता है, लेकिन बहुत सी जगह ऐसी है जहां केवल पुरुषों व लड़कों को ही प्राथमिकता दी जाती है। इसमें एनडीए की परीक्षा भी शामिल थी, क्योंकि पहले लड़कियों केवल आईएमए (इंडियन मिलिट्री अकादमी) व ओटीए (ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी) के जरिए ही सेना में शामिल हो सकती थी, लेकिन एनडीए के माध्यम से छूट मिलने के बाद अब महिलाओं के सेना में भर्ती होने के ओर अधिक रास्ते खुल गए हैं। छात्राओं का कहना है कि वह अब एनडीए की परीक्षा की भी तैयारी करते हुए आर्मी में भर्ती होंगी।
पहले एनडीए की परीक्षा केवल लड़के ही दे सकते थे। पिछले दिनों हरियाणा सरकार की ओर से हुई सुपर एनडीए की परीक्षा में भी केवल लड़कों ने ही भाग लिया था। लेकिन अब हम लड़कियों को सेना में भर्ती होने के लिए एक अन्य मार्ग मिल गया है।
- गीतिका।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया यह फैसला बहुत ही बेहतरीन है, जो भी छात्राएं सेना में भर्ती होने का सपना देखती है उनके लिए यह आर्मी में जाने का यह अच्छा अवसर मिला है। जिसकी मदद से अब छात्राएं भी आर्मी में आसानी से भर्ती हो सकेंगी।
- हीना
लड़कियां अब हर क्षेत्र में लड़कों के समान चल रही है, लेकिन अभी भी बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें पुरुषों को ही प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन अब समय के सब बदल रहा है। जिसका उदाहरण सुप्रीम कोर्ट ने पेश किया है। अब हम छात्राएं भी एनडीए की परीक्षा दे सकेंगी।
- खुशप्रीत।
हम सुप्रीम के फैसले का स्वागत करते हैं, जिन्होंने आर्मी भर्ती में भी हम छात्राओं को समानता दिलवाई है। जैसे अन्य क्षेत्रों में छात्राएं अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं। उसी तरह अब आर्मी में भी अपना वर्चस्व स्थापित करेंगी।
-तनिष्क प्रीत कौर।