आतंकियों ने माना कि उन्होंने विस्फोटक रखा था। मगर वह हद हरियाणा की थी या पंजाब की यह मालूम नहीं है। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर एमएमयू के नजदीक मैदान में हैंड ग्रेनेड, आईईडी, डेटोनेटर व टाइमर मिले थे।
हरियाणा के अंबाला में मार्च में नेशनल हाईवे (चंडीगढ़-अंबाला) के नजदीक महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय (एमएमयू) के पास मिले तीन हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर, आईईडी व टाइमर की कड़ियां करनाल में पकड़े गए आतंकियों से जुड़ रही हैं। करनाल के बसताड़ा टोल के पास पकडे़ गए ये आतंकी दस दिन की रिमांड पर हैं।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार इन आतंकियों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कुछ जगहों पर विस्फोटक सामग्री और आईईडी रखी थी, लेकिन वह यह नहीं जानते कि वह जगह हरियाणा की थी या पंजाब की। दरअसल, अंबाला में भी जहां तीन हैंड ग्रेनेड और आईईडी मिले थे, वह हरियाणा-पंजाब की सीमा है।
काबिलेगौर है कि अंबाला शहर की महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी सद्दोपुर के नजदीक खाली मैदान में 20 मार्च को उक्त विस्फोटक सामग्री व हैंड ग्रेनेड टाइमर और डेटोनेटर के साथ मिले थे। उस वक्त भी यहीं अंदेशा लगाया जा रहा था कि यह हथियार पाकिस्तान से आतंकियों को सप्लाई करने के लिए भेजे गए थे। इसी दौरान यह भी आशंका जताई जा रही थी कि इस विस्फोटक सामग्री व हैंड ग्रेनेड के जरिए चंडीगढ़ को दहलाने की साजिश रची जा रही थी। पंजाब पुलिस, हरियाणा पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियां भी इसकी जांच में जुटी है।
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इसी बीच इन जांच एजेंसियों को करनाल में पकड़े गए इन आतंकियों से कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिससे ये सामने आ रहा है कि अंबाला में यह विस्फोटक सामग्री व हैंड ग्रेनेड इन्हीं आतंकियों ने वहां रखे थे मगर यह आतंकी अभी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि जहां उन्होंने ये सामग्री रखी थी वह पंजाब की हद थी या हरियाणा की। सूत्र बताते हैं कि इन आतंकियों को निशानदेही के लिए करनाल पुलिस अंबाला भी ला सकती है।
अंबाला के एसपी जश्नीप सिंह रंधावा भी मानते हैं कि करनाल से जो आतंकी पकड़े गए हैं। उन्होंने प्रारंभिक पूछताछ में यह माना है कि उन्होंने कुछ जगह आइईडी और विस्फोटक सामग्री रखी थी। उनसे करनाल पुलिस पूछताछ कर रही है। करनाल पुलिस के इनपुट के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा।