आतंकवादी संगठन अपनी जड़ों का विस्तार करते हुए देश में अशांति फैलाने का नापाक मंसूबा पाले हुए हैं। इसी कड़ी में आतंकियों की एक नापाक साजिश करनाल पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार आतंकवादियों की गिरफ्तारी के साथ नाकाम की, मगर कुछ मामले ऐसे हैं जिनकी गुत्थी अभी तक अनसुलझी है।
दरअसल, पाक में बैठे कई अलगाववादी पंजाब के साथ-साथ विभिन्न राज्यों का माहौल भी खराब करने का इरादा रखते हैं। भारतीय जांच एजेंसियां भी इन आतंकियों की गतिविधियों को लेकर पूरी तरह चौकस हैं। पिछले कुछ समय के दौरान हरियाणा में भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे प्रतीत होता है कि आतंकी हरियाणा में अपना नेटवर्क फैलाना चाहते हैं। इसी कड़ी में 18 अप्रैल को अंबाला शहर के विधायक असीम गोयल को एक आतंकवादी संगठन ने जान से मारने की धमकी भरा पत्र भेजा था।
पुलिस जांच में जुटी है मगर अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली। इससे पहले भी आतंक की जड़े हरियाणा में फैलाने के इरादे से 01 जनवरी 1988 में तीन आतंकवादियों ने अपनी दुकान पर बैठे तत्कालीन भाजपा विधायक मास्टर शिव प्रसाद को गोलियों से छलनी कर दिया था। इसकी गुत्थी भी आजतक नहीं सुलझी।
20 मार्च को नेशनल हाईवे पर एमएम यूनिवर्सिटी सद्दोपुर के पास खाली मैदान तीन हैंड ग्रेनेड, आईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सपलोसिव डिवाइस), डेटोनेटर व टाइमर बरामद हुआ था। इसकी भी जांच अभी चल रही है। इस मामले में भी जांच एजेंसियों को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
17 सितंबर 2021 को पंजाब में आईईडी टिफिन बम मामले में शामिल आरोपी रूबल को पुलिस ने अंबाला शहर के गांव मरदों साहिब गुरुद्वारे में कारसेवा करते समय गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस अपने संग ले गई थी। इसके अतिरिक्त कई बार हरियाणा के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी आतंकी संगठनों द्वारा दी जा चुकी है, लेकिन ये सभी मामले आजतक अनट्रेस हैं।
नाकाबंदी देख कार छोड़ भाग गए थे आतंकी
मामला 12 अक्तूबर 2012 का है। दिवाली के दिन दिल्ली को दहलाने का नापाक मंसूबा पाले जम्मू-कश्मीर से आतंकी निकले थे। पंजाब का शंभू टोल बैरियर पार करने के बाद जैसे ही वे अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे तो जांच एजेंसियों की सूचना के बाद उन्हें पकड़ने के लिए अंबाला पुलिस ने हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। गड़बड़ी भांपकर आतंकियों ने कार रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी और फरार हो गए। कार में करीब साढ़े पांच किलो आरडीएक्स, डेटोनेटर व टाइमर मौजूद था। ये केस भी आज तक अनसुलझा ही है।