फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala: पहले पत्नी को गर्भवती न होने पर मारे ताने, तीन साल बाद पैदा हुई बच्ची तो बोला ये मेरी औलाद ही नहीं

Fri, 02 Jun 2023 11:12 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

विवाहिता का आरोप है कि समझौते के बाद भी ससुराल पक्ष वाले नहीं माने को पुलिस में रजामंदी के 10 दिन के बाद ससुराल पक्ष ने फिर मायके छोड़ दिया। गर्भावस्था के दौरान ससुराल वालों ने उसकी कोई खबर नहीं ली। 15 दिसंबर 2022 को एक बेटी को जन्म दिया। उसे ससुराल पक्ष ने देखाना तो दूर उल्टा पति ने ही बदचलन बता दिया।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंबाला में विवाहिता को शादी के दो साल बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ित करने व जन्मे बच्चे को पति द्वारा नजायज बताने का मामला सामने आया है। नारायणगढ़ के ब्रह्मपुरी कॉलोनी निवासी विवाहिता ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पहले तो शादी के तीन माह तक गर्भवती न होने पर ताने मारे गए। दो साल के बाद 15 दिसंबर 2022 को एक बेटी को जन्म दिया तो ससुराल वाले बेटी को देखने तक नहीं आए और उल्टा उसके ऊपर बदचलन का आरोप लगा दिया। पति कहता है कि यह मेरी बेटी नहीं, नाजायज औलाद है। महिला थाना पुलिस ने नारायणगढ़ के गांव अंधेरी निवासी सास जगीरो देवी, ससुर राधे श्याम और पति राजन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 

विज्ञापन


विदेश भागने के फिराक में था पति, पता लगते थे पहले थाने में दी थी शिकायत   
पुलिस को दी शिकायत में नारायणगढ़ के ब्रह्मपुरी कॉलोनी निवासी विवाहिता ने बताया कि 10 दिसंबर 2020 को गांव अंधेरी निवासी राजन के साथ शादी हुई थी। राजन पेशे से इंजीनियर है और शादी में  पिता ने ऑल्टो गाड़ी देने को कहा था लेकिन ससुराल पक्ष ने मारुति स्विफ्ट गाड़ी की डिमांड की थी। शादी में ससुरालियों की मुताबिक ही दहेज दिया। शादी के 3 महीने बाद मार्च 2021 में उसकी सास जगीरो देवी ने गर्भवती न होने पर ताने मारने शुरू कर दिए और कई बार मारपीट का भी प्रयास किया।

शिकायत पर सास, ससुर व पति पर मामला दर्ज कर जांच की शुरू 
मार्च 2022 में वह गर्भवती हो गई। सास घर के काम का ज्यादा दबाव देने लगी और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे तो वह अपने मायके नारायणगढ़ में आ गई। 2 अक्टूबर 2022 को उसके परिजन उसे ससुराल छोड़ने गए। उस समय भी सास, ससुर और पति ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया और उसका बैग सड़क पर फेंक दिया। इस बीच पता चला कि पति विदेश भागने की ताक में है तो उसने 5 अक्टूबर 2022 को ही एक शिकायत पुलिस को सौंपी थी। पुलिस द्वारा समझाने के बाद आरोपी उसे अपने साथ ससुराल ले गए। 
विज्ञापन


पहली बार थाने में हुआ था समझौता, फिर भी नहीं मानें ससुराल पक्ष 
विवाहिता का आरोप है कि समझौते के बाद भी ससुराल पक्ष वाले नहीं माने को पुलिस में रजामंदी के 10 दिन के बाद ससुराल पक्ष ने फिर मायके छोड़ दिया। गर्भावस्था के दौरान ससुराल वालों ने उसकी कोई खबर नहीं ली। 15 दिसंबर 2022 को एक बेटी को जन्म दिया। उसे ससुराल पक्ष ने देखाना तो दूर उल्टा पति ने ही बदचलन बता दिया। काफी समझाने के बाद पति कुछ दिन नारायणगढ़ किराए के मकान में रहने लगा, लेकिन उसका पति रोजाना रात को अपने घर जाता था। इस दौरान आरोपी ने अपनी बातों में फंसा कुछ झूठे स्टाम्प पेपर तैयार कराए। बाद में आरोपी ने छोड़कर फोन तक उठाना उचित नहीं समझा। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें