यूनेस्को के विश्व धरोहर सेक्शन पर चलने वाली ट्रेनों का स्वरूप वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर होगा। रेलवे कोच फैक्ट्री कपूरथला में आकर्षक व सुविधाओं से सुसज्जित पैनोरमिक कोच तैयार किए जा रहे हैं जोकि उक्त सेक्शन की शोभा बढ़ाएंगे। वहीं इन कोच को लेकर चलने वाले इंजन भी नए और आधुनिक रंग में नजर आएगा।
रेलवे कोच फैक्ट्री में मंथन चल रहा
इसके लेकर रेलवे कोच फैक्ट्री में मंथन चल रहा है ताकि उक्त सेक्शन पर चलने वाली वीआईपी ट्रेन भी देश में चलने वाली अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह नजर आए। यह कार्यवाही यात्रियों से प्राप्त सुझाव पर हो रही है। यात्रियों का कहना है कि जब वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करते हैं तो इससे एक प्रकार की अलग ही अनुभव होता है। उनका कहना है कि ट्रैक पर दौड़ते हुए इसे देखने का नजारा ही अलग होता है।
30 कोच हो रहे तैयार
जानकारी के अनुसार कालका-शिमला सेक्शन पर पैनोरमिक कोच वाली अधिकांश ट्रेनें दौड़े ताकि यात्री पर्यावरण संरक्षित मार्ग का लुत्फ उठा सकें। पहले जहां चार कोच का प्रस्ताव तैयार कर रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला भेजा गया था। वहीं उक्त सेक्शन पर लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या को देखते हुए कोच की संख्या 30 कर दी गई है।
इस श्रेणी के लोगों को फायदा
रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में नए पैनोरमिक कोच तैयार किए जा रहे हैं। इसमें सभी श्रेणी में अलग-अलग कोच तैयार किए जा रहे हैं। इस संबंध में सीएंडडब्ल्यू विभाग की तरफ से लिखित में जानकारी वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक को दी गई है। इसमें 12 सीटों वाला एसी एग्जिक्यूटिव चेयर कार कोच, 24 सीटों वाला एसी चेयरकार कोच और 30 सीटों वाला नॉन एसी चेयरकार कोच शामिल होगा जो बड़े कांच वाली खिड़कियों से लैस होगा। इससे सैलानी बिना किसी परेशानी के पहाड़ों की खूबसूरती और सुंदरता को निहार सकें।
अधिकारी के अनुसार
कालका-विश्व धरोहर सेक्शन के लिए 30 पैनोरमिक कोच तैयार किए जा रहे हैं। चार कोच तैयार हो गए हैं। जल्द ही इनका ट्रायल होगा। वहीं कोच के साथ ऐसा इंजन लगाने पर विचार हो रहा है जिसकी लुक वंदे भारत जैसी हो ताकि पूरी ट्रेन एक जैसी नजर आए और यात्री हरे-भरे सेक्शन पर रोमांचित सफर का आनंद ले सकें।
-नीतेश पटेल, प्रवक्ता आरसीएफ।