अंबाला। बिजली निगम के लिए गली-मोहल्लों और मुख्य बाजारों में ट्रांसफार्मर रखना सिरदर्द बनता जा रहा है। विभाग के पास ट्रांसफार्मर रखने के लिए अपनी जमीन नहीं है। जब खाली जगह या डिवाइडर पर ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया होती है स्थानीय लोगों का विरोध झेलना पड़ता है।
इन दिनों छावनी के बाजारों में भी ट्रांसफार्मर लगाना निगम के चुनौती बना है। कुछ ही दिनों में दो जगह विरोध के बाद टीम लौट गई तो किसी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, निगम की तरफ से कई जगह ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग का काम नही होने के कारण गलियों की मरम्मत का काम रुका है। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बना है।
इसी तरह आलू गोदाम से लेकर 12 क्राॅस रोड बिजली कार्यालय तक बनाई जा रही सड़क का पेंच फंस गया। यह पेंच सड़क पर लगे ट्रांसफर्मरों की वजह से फंंसा है, इन्हें शिफ्ट करने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है और इस कारण विभाग की टेंशन भी बढ़ गई है।
घर के आगे ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध
बिजली के तार और ट्रांसफार्मर की शिफ्टिंग से पहले विभाग की ओर से इसकी रूपरेखा तैयार की जाती है कि ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थापित करने पर कितना खर्च आएगा। इसकी अनुमानित लागत की अनुमति मुख्यालय से लेनी होती है और अनुमति मिलने के बाद ही ट्रांसफार्मर को एक से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाता है। प्राप्त जानकारी अनुसार ऐसे पांच ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट करने के लिए बिजली निगम ने पहले ही खाका तैयार कर लिया था। इसके तहत ही सड़क पर लगे ट्रांसफार्मरों को घरों से कुछ दूरी पर लगाने की कार्रवाई शुरु की गई थी।
कोर्ट में गुहार लगाने पहुंचे लोग
क्रास रोड नंबर पांच दीना की मंडी में रहने वाले लोग अब कोर्ट की शरण में पहुंचने लगे हैं। उन्होंने जान-माल का हवाला देते हुए कोर्ट में गुहार लगाई है कि घर के नजदीक ट्रांसफार्मर लगने से उनकी जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी। घरों में छोटे बच्चे व बुजुर्ग हैं। गलती से किसी का हाथ बिजली की तार या ट्रांसफार्मर से छू गया तो हादसा भयावह हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली निगम के अधिकारियों की होगी।
दो जगह हो चुका विरोध
घरों के आगे बिजली ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध दो बार हो चुका है और दोनों बार बिजली निगम की टीम को विरोध के चलते लौटना पड़ा है। जुलाई माह में भी स्थानीय लोगों ने ट्रांसफार्मर शिफ्टिंंग का विरोध किया था। ऐसा ही विरोध 23 अगस्त को दीना की मंडी के निवासियों ने किया था। दोनों विरोध प्रदर्शन के चलते बिजली निगम ने इस कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया है ताकि कोई बड़ी घटना न हो जाए।
ऐसे हो सकता है समाधान
लोगों ने बिजली निगम को सुझाव दिया कि जिस प्रकार सर्राफा बाजार में डिवाइडर के ऊपर ट्रांसफार्मर लगाया गया है, वैसे ही दीना की मंडी और क्रॉस रोड पर लगे ट्रांसफार्मरों को भी डिवाइडर पर स्थापित किया जाए, हालांकि नई तकनीक के तहत कुछ जगह पर छोटे ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं जोकि जगह भी कम घेरते हैं और इससे हादसे का अंदेशा भी कम रहता है।
कई बार लग चुकी आग : गीता शर्मा
दीना की मंडी की गीता शर्मा का कहना है कि पहले जो ट्रांसफार्मर लगा है वो 12 फुट दूर है, लेकिन अब बिजली कर्मचारियों ने झूठ बोलकर चार फुट पर चार खंभे कर दिए हैं। जबकि ट्रांसफार्मर में कई बार आग लग चुकी है और करंट लगने एक जानवर भी मौत हो चुकी है।
नहीं हो रही सुनवाई : वैभव
वैभव गोयल का कहना है कि मेरे घर से 10 फुट की दूरी पर दो ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। अब बिजली वाले कह रहे हैं कि घर से चार फुट की दूरी पर ट्रांसफार्मर लगाएंगे। यह धक्काशाही हो रही है, कहीं सुनवाई नहीं हो रही, उल्टा बिजली कर्मचारी मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दे रहे हैं।
कई बार हो चुके हादसे : कमल
कमल शर्मा का कहना है कि मेरे भाई की हाउसिंग बोर्ड में मौत हो गई थी तो हम सभी वहां गए थे। पीछे से बिजली कर्मचारियों ने चुपचाप खंभा लगा दिया। जो ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, वहां कई हादसे हो चुके हैं। अगर ट्रांसफार्मर घर के नजदीक आ गया और हादसा हो गया तो किसी जिम्मेदारी होगी।
हमेशा रहता है खतरा : प्रयास
सिकलीगर मोहल्ले के प्रयास का कहना है कि कपड़े की दुकान है, पहले घर से दूर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है लेकिन अब मात्र दो फुट पर ही बिजली के खंभे लगा दिए हैं। एसडीओ से भी गुहार लगाई थी, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
वर्जन
क्राॅस रोड की सड़क का निर्माण लगातार किया जा रहा है। जिस जगह पर ट्रांसफार्मर शिफ्ट नही हुए हैं, वहां आधी सड़क को बनाया जा रहा है ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। अगर ट्रांसफार्मर हट जाएंगे तो वहां भी सड़क का निर्माण कर दिया जाएगा।
मंदीप सिंह कार्यकारी अभियंता, नप सदर।
वर्जन
ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का कार्य एकदम नहीं होता। इसके लिए पहले मौके पर जाकर हालात का निरीक्षण किया जाता है और अनुमानित लागत तैयार की जाती है। यह ट्रांसफार्मर बिल्कुल घरों के नजदीक नहीं हैं। इनमें नियमानुसार जो दूरी होनी चाहिए, उसका ध्यान रखा गया है। बढ़े या छोटे ट्रांसफार्मर लगाने की कार्रवाई क्षेत्र के लोड के हिसाब से होती है।
मोहित दहिया, एक्सईएन बिजली निगम।
गीता शर्मा।
गीता शर्मा।
गीता शर्मा।
गीता शर्मा।
गीता शर्मा।