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स्वच्छता रैंकिंग : धुल रहा गंदगी का दाग, साफ-सुथरा बन रहा अंबाला

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पटवी प्लांट में कार्य करते हुए कर्मचारी। - फोटो : Ambala
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अंबाला पर लगे सबसे गंदे शहर का दाग धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है। पिछले पांच साल में अंबाला नगर निगम ने स्वच्छता रैकिंग में लगातार सुधार किया है। 2017 की स्वच्छता रैकिंग में जहां अंबाला का पूरे देश में 308वां रैंक था। उसी रैंक में सुधार करते हुए अंबाला नगर निगम ने इस बार 90 रैंक हासिल किया है।
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पिछले साल के मुकाबले भी अंबाला के स्वच्छता रैंक में 30 अंक का सुधार हुआ है। पिछले साल स्वच्छता रैंक 120 था। इसके अलावा सफाई के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए अंबाला को प्रेरक दौर सम्मान की श्रेणी में कांस्य पदक (आरोही) मिला है। प्रदेश में अंबाला ने चौथा स्थान हासिल किया है।
वहीं, ओडीएफ प्लस प्लस श्रेणी में अंबाला नगर निगम को शामिल गया है। नगर परिषद और पालिका की बात करें तो अंबाला सदर नगर परिषद ने पहली बार इसमें भाग लेते हुए 132 वां रैंक हासिल किया है तो पालिका की श्रेणी में बराड़ा ने पिछले साल के मुकाबले 550 रैंक से सीधे ही 76 रैंक हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया। मगर, इसी श्रेणी में नारायणगढ़ के रैंक में गिरावट आई है। नारायणगढ़ का रैंक जहां पिछले साल 164 था, वही इस बार 193 पहुंच गया है।
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स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम की श्रेणी के रैंक में सुधार होने पर नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने निगम के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में टॉप 20 की लिस्ट में स्थान हासिल करने और भविष्य में स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए काम करने को लेकर सभी को प्रेरित किया।
सिटी से प्रतिदिन निकलता है 137 टन कचरा
अंबाला नगर निगम के 20 वार्ड में इस समय करीब 3 लाख 4 हजार 632 की आबादी है। इस क्षेत्र में करीब 63 हजार 05 घर है। इस पूरी आबादी पर 553 नगर निगम के सफाई कर्मचारी तो इसके अलावा 200 कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा उठान को लेकर लगाए गए टेंडर के तहत पूरी टीम सफाई व्यवस्था बनाने के कार्य में लगी हुई है। अंबाला नगर निगम क्षेत्र (अंबाला सिटी) से प्रतिदिन करीब 137 टन कूड़ा निकलता है। जिसे पटवी स्थित प्लांट में ले जाया जाता है। जहां पर अभी पुराने कूड़े के निपटान करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही नए कूड़े के निपटान को लेकर भी व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके अलावा नगर निगम को ओडीएफ प्लस प्लस की श्रेणी में शामिल किया गया है। इस आधार पर अंबाला पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुका है।
सदर क्षेत्र से निकलता है रोजाना 110 टन कूड़ा
अंबाला सदर के 31 वार्ड में करीब 2 लाख 36 हजार 850 की आबादी है। इस क्षेत्र में 43 हजार 473 घर आते हैं। इस पूरी आबादी पर 449 सफाई कर्मचारी सफाई के कार्य में लगे हुए हैं। यहां से प्रतिदिन करीब 110 टन कूड़ा निकलता है। इसका निपटान भी पटवी प्लांट में ही किया जाता है। सदर नगर परिषद को ओडीएफ प्लस की श्रेणी में शामिल किया है। मगर सीवरेज का कार्य होने के कारण अंबाला सदर की रैंकिंग में कमी दर्ज की गई है। नगर परिषद सदर ने पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लिया है। इससे पहले अंबाला शहर और छावनी नगर निगम में ही आते थे।
इस आधार पर मिला है कांस्य पदक
- 55 प्रतिशत वार्ड में कूड़े को अलग-अलग किया जा रहा था।
- 85 प्रतिशत गीले कूड़े की खाद बनाई जा रही है।
- 80 प्रतिशत सूखे कूड़े को रिसाइकिल किया जा रहा है।
- 10 प्रतिशत मलबे का प्रयोग किया जा रहा है।
- प्रयोग न होने वाला केवल 20 प्रतिशत कूड़ा ही जमीन में जा रहा है।
- ओडीएफ प्लस प्लस की श्रेणी में आना।
- 30 प्रतिशत आबादी सफाई व्यवस्था से खुश मिली।
इसे इतने मिले हैं अंक
श्रेणी---- कुल अंक प्राप्त अंक
अंबाला नगर निगम 6000 3351.73
अंबाला सदर नगर परिषद 6000 2956.35
नगर पालिका नारायणगढ़ 6000 2095.62
नगर पालिका बराड़ा 6000 2481.22
पटवी प्लांट में हो रहा कूड़े का निपटान
पटवी प्लांट पिछले काफी समय से बंद चल रहा था। मगर, इसके बाद भी अंबाला शहर व छावनी समेत अन्य क्षेत्रों का कूड़ा भी यहीं पर डाला जा रहा था। कूड़े का निपटान न होने के कारण यहां पर करीब 5 लाख टन के करीब कूड़ा जमा हो गया था। मगर, इसके बाद जब नगर निगम की ओर से कूड़ा निपटान के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई तो वहां पर कूड़े के निपटान का कार्य शुरू हुआ। अब काफी हद तक कूड़े का निपटान किया जा चुका है। जिनसे स्वच्छता रैंकिंग सुधार में अहम भूमिका निभाई है।
अंबाला नगर निगम ने 90वां का रैंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके अलावा अंबाला को सफाई के क्षेत्र में कांस्य पदक भी मिला है। अब हमारा प्रयास रहेगा कि बेहतर कार्य करते हुए रैंक में सुधार करें और कांस्य पदक को स्वर्ण पदक में बदलें। उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास होगा कि स्वच्छता के मामले में अंबाला सिटी अव्वल बने।
- शक्तिरानी शर्मा, मेयर, नगर निगम।
स्वच्छता रैंक में 90वां रैंक हासिल करना नगर निगम की बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह तभी संभव हो सका है जब अंबाला की जनता ने पूरा सहयोग किया है और नगर निगम की पूरी टीम ने अंबाला में सफाई व्यवस्था बनाने के लिए दिन-रात कार्य किया है। अब रैंक को ओर अधिक सुधारने और स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
- असीम गोयल, विधायक, अंबाला शहर।
1965 में मलकानी आयोग ने अंबाला पर लगाया था सबसे गंदे शहर का धब्बा
नगर निगम के मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने बताया कि 1965 में मलकानी आयोग ने अंबाला पर सबसे गंदे शहर होने का धब्बा लगाया था। मगर, स्वच्छता रैंकिंग में लगातार हो रहे सुधार को देखते हुए अब उस धब्बा धीरे-धीरे नगर निगम अंबाला के ऊपर से हटने लगा है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के नेशनल रैंकिंग में अंबाला ने 90वां स्थान हासिल किया है जो कि पिछले साल के 120 से बेहतर है। वहीं राज्य में भी चौथा स्थान हासिल किया है जो कि एक उपलब्धि है। अब हमारा प्रयास है कि हम टॉप 20 में अंबाला को लेकर आएं, उसके लिए सभी प्रयास जारी हैं।
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- धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम।
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