नायब तहसीलदार लगवाने का झांसा देकर सात लाख रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में वार्ड नंबर तीन निवासी अशोक कुमार ने बताया कि दो वर्ष पूर्व पंचकूला के पुलिस मुख्यालय के समक्ष उसे आरती सिंधु नामक महिला मिली थी। उसने मुझे अपना मोबाइल नंबर दिया था।
नारायणगढ़ आने पर मेरी महिला से कई बार मोबाइल पर बात हुई। यह बात अपने दामाद विकास को भी बताई। शिकायतकर्ता के अनुसार फरवरी 2021 को वह अपने घर पर मौजूद था। इस दौरान उक्त महिला का फोन आया और उसने कहा कि 2014 में निकली नायब तहसीलदार की भर्तियों में वह नायब तहसीलदार की नौकरी लगवा सकती है। इसके लिए 35 लाख रुपये लगेंगे। अशोक कुमार के अनुसार वह अपने दामाद को नौकरी लगवाना चाहता था। वह अपने दामाद को साथ लेकर उसके यमुनानगर में स्थित सनराइज एजूकेशन नाम के स्कूल में मिला।
यहां पर आरती सिंधु व उसका भाई योगेश सिंधु मिले। उसने दामाद के दो तीन पासपोर्ट साइज फोटो ली और सफेद कागजों पर दामाद के हस्ताक्षर व अंगुठे के निशान ले लिए। उन्होंने कहा कि आगामी अगस्त तक इनकी पोस्टिंग हो जाएगी। इसके लिए आठ लाख रुपये एडवांस देने होंगे, शेष नौकरी लगने के बाद। इसके बाद उसने अपने दामाद विकास के खाते से कई बार उक्त महिला के खातों में आठ लाख रुपये डलवा दिए। अशोक कुमार के अनुसार अगस्त 2021 के आखिरी सप्ताह में उसने आरती सिंधु को कहा कि उसका काम नहीं हुआ। इस पर आरती व योगेश ने कहा कि अगली बार उसका काम करवा देंगे।
अशोक ने आरती व उसके भाई योगेश को आठ लाख रुपये और दामाद के हस्ताक्षर युक्त कागज वापस करने की बात कही। पांच सितंबर को महिला ने नारायणगढ़ आकर पैसे देने की बात कही। मगर, बार-बार कहने पर भी महिला ने पैसे नहीं दिए। बाद में आरोपियों ने उनके खाते में एक लाख रुपये डाल दिए। इसके बाद जब बाकी पैसों के संबंध में बात की तो महिला ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और उनके पैसे देने से साफ इंकार कर दिया।