हरियाणा के अंबाला में करीब एक करोड़ रुपये कीमत के दो मकानों की फर्जी कागजात से रजिस्ट्री प्रकरण में नायब तहसीलदार, वकील, दो नंबरदार, सगे भाई सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इस प्रकरण का आरोपी पांच बहनों का इकलौता भाई बताया गया है।
वह एक निजी बैंक में रिकवरी एजेंट का काम करता है। उसने अपने पिता के दो प्लॉटों पर बने मकानों में अपनी पांच बहनों का हिस्सा डकराने के लिए फर्जी कागजात तैयार किए थे। वह इस कारनामे को अंजाम देकर पत्नी के साथ फरार बताया गया है।
पांचों बहनों को दोनों मकान बेचे जाने की सूचना पड़ोसियों से मिली थी। इसके बाद मामले की शिकायत अंबाला के पुलिस अधीक्षक और सीएम विंडो पर की गई थी। पिछले कई दिन से इस मामले की जांच की जा रही थी। शनिवार को छावनी थाना में गुरुग्राम सेक्टर-69 वासी एडवोकेट गीतिका की शिकायत पर नायब तहसीलदार, वकील, दो नंबरदार देवेंद्र कुमार और कांशीराम, सगे भाई देविन धीमान, मकान के खरीदार मोहित गिरी और सरदारा गिरी सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बहनों में से कोई भी किसी दफ्तर या तहसील नहीं गए, फिर भी उनकी गैरहाजिरी में इनके हिस्से वाले मकानों की रजिस्ट्री कैसे हो गई। उन्होंने नोटरी से सत्यापित किए जाने वाले दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं। जांच अधिकारी अंबाला छावनी थाना के सबइंस्पेक्टर राम कुमार का कहना है कि मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाये गए हैं, उनकी क्या भूमिका है, इसकी जांच की जा रही है।
पड़ोसियों से मिली सूचना, फिर ऑनलाइन चेक की रजिस्ट्री
एडवोकेट गीतिका ने बताया कि जब उसे पड़ोसियों से दोनों मकान को उनके इकलौते भाई देविन धीमान द्वारा बेचे जाने की सूचना मिली तो उन्होंने तत्काल ऑनलाइन रजिस्ट्री को चेक किया था। तब जाकर उन्हें यह पता चला कि उनका भाई उनके हिस्से वाले दोनों मकानों को बेचकर फरार हो गया है।
2013 से रह रहे किरायेदार को बेचा मकान
जिन दो मकानों की फर्जी कागजात के आधार पर रजिस्ट्री हुई है, वह अंबाला छावनी के लक्कड़बाजार के सिक्लीगर मोहल्ले में है। इस मकान में शिकायतकर्ता का भाई देविन धीमान और खरीदार मोहित गिरी परिवार के साथ वर्ष 2013 से रह रहे थे। 17 नवंबर 2021 को उनके भाई देविन धीमान ने फर्जी कागजात के सहारे इन दोनों मकानों को किरायेदार मोहित को बेच दिया।