अंबाला नगर निगम की बैठक में हंगामा
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अंबाला नगर निगम में सोमवार को बचट को लेकर हाउस की बैठक हुई। बैठक पूरी होती हंगामे की भेंट चढ़ गई। बजट की बैठक शुरू होने से पहले ही पार्षद मिथुन वर्मा ने निंदा प्रस्ताव ला दिया। गंगा प्रसाद लाते हुए पार्षद में कहा भाजपा के पार्षद नगर निगम की स्थापना दिवस है ना आए थे। जबकि यह किसी पार्टी का स्थापना दिवस नहीं था बल्कि शहर के लिए विकास करने वाली नगर निगम स्थापना दिवस था।
पक्ष व विपक्ष दोनों के बीच जमकर बहस हुई
जैसे ही पार्षद जितनी निंदा प्रस्ताव लाए भाजपा के पार्षदों ने इसका विरोध कर दिया। मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने इस पर कहा कि किस नियम के तहत निंदा प्रस्ताव लाये हैं ये तो बता दें। इसके बाद भाजपा के दूसरे पार्षद भी विरोध में आ गए। पक्ष व विपक्ष दोनों के बीच जमकर बहस हुई। इस बहस के बीच मेयर शक्ति रानी शर्मा ने बीच-बचाव करते हुए भाषण को समझाया कि अगर लोगों ने नगर निगम में पार्षदों को चुनकर भेजा है तो ये उनका दायित्व है कि वे नगर निगम के कार्यों में प्रतिभाग करें।
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पार्षद, निगम कमिश्नर से बोले आप शहर का विकास करना चाहते हैं या नहीं
नगर निगम अंबाला में दूसरा ज्वलंत मुद्दा शहर के विकास कार्यों को लेकर बना। पार्षद ने कहा कि निगम कमिश्नर ये बता दें कि क्या वो शहर का विकास कार्य कराते हैं या नहीं। निगम कमिश्नर ने कहा कि मैं विकास कराना चाहता हू। पार्षद ने कहा फिर क्यों अधिकारियों के टेबल पर फाइलें लटकी रहती हैं।
सफाई कर्मचारियों की वेतन में देरी का उठा मुद्दा
सफाई कर्मचारियों का वेतन लम्बित है। इसको लेकर पार्षद संदीप सचदेवा ने कहा कि असल मायने में सफाई कर्मचारी शहर को साफ रखते हैं। इनका वेतन भी नगर निगम नहीं दे या रहा है।