अंबाला। नई शिक्षा नीति को लेकर भाजपा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व गेल की पूर्व स्वतंत्र निदेशक बंतो कटारिया ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह नीति 34 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद आई है, जो करोड़ों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करने वाली है, जिसका देश के शैक्षणिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।
इससे आंतरिक बदलाव होगा और संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा जिससे भारत के भविष्य को नई दिशा मिलेगी और भविष्य में उसकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने बंतो कटारिया को विश्वास दिलाया कि इस शिक्षा नीति में प्री-स्कूल से ही एक बच्चे के लिए अधिक सुगम व सक्षम परिवेश सुनिश्चित करना हैं। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए कभी भी पाठ्यक्रम को छोड़ने के लिए उपयुक्त प्रमाण के साथ पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने और छोड़ने के कई विकल्प होंगे।