अंबाला। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पहले चरण में 59 आंगनबाड़ी को प्लेवे में बदलने की योजना में हेल्परों व वर्करों की हड़ताल रोड़ा बनती नजर आ रही है। विभाग की तरफ से पहले चरण के तहत काम शुरू करने से पहले अंबाला की कुल 1213 आंगनबाड़ी वर्करों सहित हेल्पर को नौनिहालों को प्रारंभिक शिक्षा देने की ट्रेनिंग तो दे दी है। अब जब महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी वर्करों को 20 दिन की प्रैक्टिस क्लास से जोड़ना था तो हड़ताल के चलते डीसी कार्यालय पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरने ने अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है।
स्थिति यह है कि हड़ताल के चलते कोई भी आंगनबाड़ी वर्कर इन क्लास को शुरू ही नहीं कर पा रहा है जबकि विभाग को यह जल्द से जल्द करवानी है ताकि प्ले-वे स्कूल बनाने की योजना सिरे चढ़ सके। ऐसे में अधिकारियों की नजर अब आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा हड़ताल खत्म करने के फैसले पर है ताकि प्रैक्टिस क्लास लगाई जा सके।
213 आंगनबाड़ी बनेंगी प्लेवे स्कूल, तीन चरणों में होगा काम
पहले चरण में केवल 59 आंगनबाड़ी को ही प्लेवे स्कूल में बदला जाएगा। धीरे-धीरे दूसरा व तीसरा चरण शुरू होगा। इस तरह अंबाला में 213 आंगनबाड़ी प्लेवे स्कूल में बदलेंगी। ऐसा करने पर निजी प्लेवे स्कूलों में मनमानी पर भी लगाम लगेगी। अभी तक तो बिना किसी डर से निजी प्लेवे स्कूल अत्यधिक फीस लेते नजर आ रहे थे और कोई कुछ नहीं कर पा रहा था। इस योजना से लोग सरकारी प्लेवे स्कूलों की तरफ रुख करेंगे।
विभाग की बिल्डिंग में बनी आंगनबाड़ी होंगी प्लेवे में तब्दील
जिलेभर की बात करें तो अधिक आंगनबाड़ी जहां सरकारी व संबंधित विभाग की जमीन पर है तो वहीं अधिकतर प्राइवेट संस्थानों व घरों में चल रही है, जिसका विभाग किराया दे रहा है। प्लेवे स्कूल में तब्दील करने के लिए विभाग ने अभी केवल संबंधित विभाग या फिर सरकारी बिल्डिंग में चल रही आंगनबाड़ी का चयन किया है। योजना के सिरे चढ़ने के बाद बाकी आंगनबाड़ी पर विचार विमर्श किया जाएगा।
सभी 1213 आंगनबाड़ी वर्करों को प्लेवे स्कूलों को लेकर ट्रेनिंग दे दी गई है। अब 20 दिन की प्रैक्टिस क्लास देनी थी लेकिन सभी हड़ताल पर है। जैसे ही उनकी हड़ताल खत्म होगी तो वह क्लास शुरू कर सकेंगे। मौजूदा समय में करीब 213 आंगनबाड़ी को अलग-अलग चरण में प्लेवे स्कूल में बदला जाएगा।
-मनीषा गागट, सीडीपीओ, अंबाला शहर।
मंगलवार को भी आंगनबाड़ी वर्कर ने धरना देकर जताया रोष
अंबाला। निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायकों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करती हुई आंगनबाड़ी वर्कर का कहना था कि सरकार ने सभी आंगनबाड़ी वर्करों को एनजीओ के अधीन करने का निर्णय लिया है वो सरासर गलत है। यूनियन की प्रधान अनु ने बताया कि सरकार ने 2018 में जिन मांगों पर सहमति बनी थी उन मांगों को लागू नहीं किया गया।