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विरोध के बीच निगम के दस्ते ने जग्गी सिटी सेंटर से गिराया अतिक्रमण

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Amidst the protests, the corporation's squad dropped the encroachment from Jaggi City Center - फोटो : Ambala
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अंबाला सिटी। नगर निगम की टीम अधूरी कार्रवाई को पूरा करने के लिए दूसरे दिन शुक्रवार को एक बार फिर दल बल के साथ जग्गी सिटी सेंटर में पहुंची। इस दौरान टीम को दुकानदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। कई दुकानदारों ने विरोध जताते हुए निगम के अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया, लेकिन निगम की टीम ने एक दिन पहले की कार्रवाई से सबक लेते हुए किसी पर भी कोई दया भाव नहीं दिखाया और अवैध रूप से बनाई गई दुकानों व बोर्डों को धराशायी कर दिया।
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सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक जारी रही। इस दौरान निगम की टीम ने 30 के करीब दुकानों पर पीला पंजा चलाया और प्रमुख द्वार पर लगे बड़े-बड़े बोर्डों को भी पीले पंजे से हटा दिया। बता दें कि नगर निगम को पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि जग्गी सिटी सेंटर में बनी दुकानों के ट्रेड लाइसेंस के साथ फायर एनओसी तक नहीं है। इसके अलावा सभी ने अतिक्रमण किया हुआ, इसको लेकर वीरवार रात भी नगर निगम की टीम ने घोषणा करते हुए सभी दुकानदारों को दुकान खाली करने के निर्देश दिए थे। सुबह होते ही निगम की टीम पूरे दलबल के साथ अपनी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पहुंच गई। इस दौरान सभी अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। झूले व अन्य स्टाल भी हटा दिए गए।
जेसीबी के आगे अड़ गए थे दुकानदार पुलिस ने हटाया
दुकान तोड़ने के लिए जैसे ही जेसीबी आगे बड़ी तो दुकानदार जेसीबी के आगे अड़ गए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दुकानदारों ने निगम और सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। जिन्हें पुलिस ने किसी तरह हटाया। दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने अपनी जीवन भर की पूंजी दुकान पर लगा दी थी। किसी ने घर के कागजात गिरवी रखकर दुकान खड़ी की थी तो किसी ने अपनी रिटायरमेंट का सारा पैसा यहां पर दुकान खड़ी करने में लगा दिया था। जिससे कि भविष्य में वह कमाई करते हुए अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। लेकिन नगर निगम ने एक ही झटके में हमारी रोजी रोटी, हमारा घर सब कुछ इस अवैध कार्रवाई के नाम पर छीन लिया। अगर कुछ कागजों में कमी है तो नगर निगम हमें बताता हम उन कागजों को पूरा करते। ऐसे दुकानों को तोड़ने का क्या मतलब बनता है। जबकि बहुत से दुकानदार ऐसे हैं, जिनकी दुकानों के नक्शे तक पास है। अगर दुकानें अवैध है तो नगर निगम ने दुकानों के नक्शे कैसे पास कर दिए और जो नक्शे पास करने के लिए फीस ली है वह किस खाते में है।
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इस तरह सुनाई दुकानदारों ने व्यथा
बुजुर्ग महिला ने बताया कि उनका पति की भी मृत्यु हो गई है और उनके बेटी के पति की भी मृत्यु हो गई थी। जब कोई कमाने वाला नहीं बचा तो मैंने अपनी बेटी और पोते के साथ जग्गी सिटी सेंटर पर दुकान शुरू की थी। जहां पर वह दोनों दिन रात काम करते थे, जिन्हें न खाने का समय लगता था और न ही सोने का जिससे कि किसी तरह अपना भरण पोषण कर सके। लेकिन नगर निगम ने हमारा कमाई का जरिया तक छीन लिया। क्या अब निगम हमारा पालन पोषण करेगा। इसके अलावा इकबाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी को यहां पर दुकान खड़ी करने में लगा दिया था। यहां तक हमने अपने कागजात तक पूरे कर रखे थे। लेकिन इसके बाद भी निगम की टीम ने बिना कुछ देखे दुकानों को हमारी आंखों के सामने धराशायी कर दिया।
हमारी ओर से पूरे नियमानुसार और शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई की गई है। पहले भी इन्हें दुकानें हटाने के लिए समय दिया गया था लेकिन चेतावनी के बाद भी दुकानदारों ने दुकानें नहीं हटाई थी। जिस कारण कार्रवाई की गई है।
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- जरनैल सिंह, ईओ, नगर निगम।

अंबाला शहर स्थित जग्गी सिटी सेंटर में अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान जेसीबी के समक्ष खड़े लोग विरो?- फोटो : Ambala

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